Baloda Bazar Accident: बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसे की खबर सामने आई है। यहां कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक स्थानीय बाजार में अचानक बिजली का भारी-भरकम खंभा गिर जाने से एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौके पर ही मौत हो गई। इस भयानक हादसे के बाद पूरे बाजार क्षेत्र में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटना स्थल पर एकत्र हो गए। मृत महिला की पहचान पूर्णिमा वर्मा के रूप में की गई है, जो क्षेत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर पूरी निष्ठा से कार्यरत थीं।
सब्जी खरीदने आई थीं बाजार, सिर पर गिरा पोल
मिली जानकारी के अनुसार, पूर्णिमा वर्मा रोजमर्रा की तरह अपने घर के लिए सब्जी और अन्य जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजार आई थीं। वह बाजार में खरीदारी कर ही रही थीं कि अचानक वहां लगा एक बिजली का खंभा भरभराकर उनके ऊपर गिर पड़ा। खंभा सीधे उनके सिर पर लगा, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक खून बह जाने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की भयावहता को देखकर बाजार में मौजूद लोग सहम गए और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
पेड़ कटाई के दौरान लापरवाही की आशंका
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। प्रारंभिक जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि घटना स्थल के बिल्कुल पास में ही पेड़ की कटाई का काम चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि पेड़ कटाई के दौरान असावधानी बरतने से खंभे की बुनियाद प्रभावित हुई और उसकी स्थिरता कमजोर हो गई, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई: पुलिस
कोतवाली थाने के प्रधान आरक्षक रामकृष्ण पटेल ने बताया कि हादसे के वास्तविक और सटीक कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। वर्तमान में यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खंभा किन परिस्थितियों में गिरा, लेकिन प्रारंभिक तौर पर पेड़ कटाई और वहां चल रहे अन्य नागरिक कार्यों को ध्यान में रखकर बिजली विभाग के अधिकारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और तकनीकी जांच पूरी होने के बाद यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों में प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी देखी जा रही है।









