Ashoka Millennium Showroom News: रायपुर में ऑटोमोबाइल डीलर का कारनामा: एडवांस बुकिंग के बाद दूसरे को बेची ग्राहक की EV गाड़ी, मांगने पर बोले- ‘जो करना है कर लो’

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Ashoka Millennium Showroom News: रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से ऑटोमोबाइल डीलर की मनमानी और उपभोक्ता अधिकारों के हनन का एक बेहद गंभीर और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। रायपुर के रिंग रोड स्थित अशोका मिलेनियम में संचालित ‘वर्धमान एथर मोबिलिटी’ (Ather Mobility) शोरूम पर एक ग्राहक ने धोखाधड़ी और तानाशाही का आरोप लगाया है। पीड़ित ग्राहक का कहना है कि उसने पूरी वैधानिक प्रक्रिया के तहत ईवी (EV) गाड़ी बुक कराई थी, लेकिन शोरूम संचालक ने बाजार में गाड़ियों की बढ़ती डिमांड का फायदा उठाने के लिए उसकी बुक की गई गाड़ी को किसी दूसरे ग्राहक को अधिक मुनाफे में बेच दिया।

15 मई को जमा कराए थे 1.25 लाख रुपये, एक महीने का था सौदा

पीड़ित दाऊलाल यादव ने मीडिया को अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उन्होंने 15 मई 2026 को एथर की ‘RIZTA PRO’ गाड़ी खरीदने के लिए वर्धमान मोबिलिटी शोरूम में कुल 1 लाख 25 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि एडवांस के तौर पर जमा करवाई थी। इस भुगतान के एवज में शोरूम प्रबंधन और पीड़ित के बीच बकायदा यह सौदा पक्का हुआ था कि गाड़ी की डिलीवरी हर हाल में एक महीने के भीतर दे दी जाएगी। परंतु, एक महीना बीत जाने के बाद भी जब पीड़ित को गाड़ी नहीं मिली, तो उन्होंने शोरूम के चक्कर काटने शुरू किए।

शोरूम मालिक कुणाल बरडिया पर बदतमीजी और अधिक राशि मांगने का आरोप

दाऊलाल यादव के मुताबिक, जब उन्होंने इस संबंध में शोरूम के मालिक कुणाल बरडिया से सीधे बातचीत की, तो उनके होश उड़ गए। शोरूम मालिक ने बड़ी ही बेरुखी से पीड़ित की बुक की गई गाड़ी को किसी अन्य ग्राहक को बेचने की बात स्वीकार कर ली। जब पीड़ित ने इस पर आपत्ति जताई, तो कुणाल बरडिया ने “जो करना है कर लो” कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया। पीड़ित का आरोप है कि शोरूम संचालक अब उसी गाड़ी को देने के बदले मूल कीमत से काफी अधिक राशि (एक्स्ट्रा चार्ज) की मांग कर रहा है, जो कि पूरी तरह से अवैध और तानाशाही रवैया है।

जबरन पैसा लौटाकर पल्ला झाड़ा, प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार

इस विवाद के बढ़ने पर आज शुक्रवार (19 जून 2026) को जब पीड़ित दाऊलाल यादव अपने परिजनों के साथ शोरूम पहुंचे और अपनी पूर्व-बुक गाड़ी की मांग पर अड़ गए, तो शोरूम प्रबंधन ने गाड़ी देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बजाय, उन्होंने ग्राहक का जमा पैसा जबरन वापस थमा दिया और उन्हें शोरूम से चलता कर दिया। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ने से शोरूम संचालकों के हौसले बुलंद हैं और वे सीधे-साधे मध्यमवर्गीय ग्राहकों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इस सरेआम हुए फर्जीवाड़े और मनमानी के खिलाफ रायपुर जिला प्रशासन और उपभोक्ता फोरम क्या ठोस दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करता है।

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