Bhopal Car Fraud 2026: भोपाल: भोपाल में कार किराए पर लेकर उन्हें अवैध रूप से बेचने और दूसरे राज्यों में खपाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस धोखाधड़ी के मामले में अब शहर के तीन और थानों—अयोध्या नगर, पिपलानी और अवधपुरी में नई एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस द्वारा की गई ताजा छापेमारी में अयोध्या नगर पुलिस ने 6 कारें, पिपलानी पुलिस ने 2 कारें और अवधपुरी पुलिस ने 1 कार बरामद की है। इस तरह हालिया कार्रवाई में कुल 9 और गाड़ियां पुलिस के हाथ लगी हैं।
शैलेश जोशी और विश्वजीत गौर हैं मास्टरमाइंड
पुलिस जांच के अनुसार, इन तीनों ही नए मामलों में जालसाजी का मास्टरमाइंड शैलेश जोशी और विश्वजीत गौर हैं। यह गिरोह सीधे-साधे कार मालिकों से ऊंचे किराए का लालच देकर गाड़ियां अनुबंध पर लेता था और बाद में उनके जाली दस्तावेज तैयार कर बाजार में बेच देता था। हद तो तब हो गई जब पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से कुछ कीमती गाड़ियों को दूसरे राज्यों में ले जाकर स्क्रैप (कबाड़) भी करवा दिया था।
अब तक 40 कारें बरामद, पूछताछ जारी
इस बड़े ऑटो स्कैम में भोपाल शहर के पांच थानों—बागसेवनिया, अरेरा हिल्स, अयोध्या नगर, पिपलानी और अवधपुरी की पुलिस संयुक्त रूप से काम कर रही है। यह पूरा अमला अब तक शून्य (जीरो) से लेकर कुल 40 कारें बरामद करने में सफल रहा है। अरेरा हिल्स पुलिस के हत्थे चढ़े गिरोह के 6 मुख्य आरोपियों को अदालत ने 20 जून तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस इन सभी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के पास मौजूद अन्य गाड़ियों और उनके ठिकानों का पता लगाया जा सके।
मुख्य आरोपी की तलाश में दबिश
हालांकि, इस पूरे रैकेट का मुख्य आरोपी विश्वजीत गौर अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर और फरार चल रहा है। पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। भोपाल पुलिस का दावा है कि विश्वजीत की गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले का दायरा और बढ़ेगा तथा कई अन्य राज्यों से भी चोरी और धोखाधड़ी की गाड़ियां बरामद होने की पूरी संभावना है।









