Shahdol Missing Person Case: शहडोल। जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक लापता व्यक्ति के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। गुमशुदगी दर्ज होने के कई दिनों बाद एक अज्ञात शव की तस्वीर सामने आने पर परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का आरोप है कि समय पर सूचना और उचित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें मानसिक और भावनात्मक परेशानियों का सामना करना पड़ा। मामले को लेकर परिजनों ने पुलिस महानिरीक्षक (IG) और पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
6 जून से लापता थे रमेश सराफ
Shahdol Missing Person Case: जानकारी के अनुसार, शहडोल शहर के वार्ड क्रमांक-12 निवासी रमेश सराफ (54 वर्ष) 6 जून 2026 की दोपहर अचानक घर से बिना बताए कहीं चले गए थे। परिजनों के मुताबिक उनकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी, जिसके कारण परिवार के सदस्य लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए थे।
Shahdol Missing Person Case: जब काफी खोजबीन के बाद भी रमेश सराफ का कोई पता नहीं चला तो 7 जून की शाम को कोतवाली थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। परिजनों का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी वे स्वयं रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर उनकी तलाश करते रहे।
अज्ञात शव की तस्वीर देखकर बढ़ी आशंका
Shahdol Missing Person Case: परिवार की चिंता उस समय और बढ़ गई जब 15 जून को एक परिचित व्यक्ति के माध्यम से उन्हें एक तस्वीर प्राप्त हुई। बताया गया कि 8 जून को कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत स्थित मुडना नदी से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ था।
Shahdol Missing Person Case: तस्वीर देखने के बाद परिजनों को आशंका हुई कि यह शव रमेश सराफ का हो सकता है। इसके बाद परिवार के सदस्य तत्काल जानकारी लेने के लिए कोतवाली थाना पहुंचे।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया जानकारी छिपाने का आरोप
Shahdol Missing Person Case: शिकायतकर्ता सचिन सराफ का आरोप है कि थाना पहुंचने पर उन्हें मामले से संबंधित पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका कहना है कि यदि अज्ञात शव मिलने के बाद पुलिस ने समय रहते गुमशुदगी रिपोर्ट से उसका मिलान किया होता और परिवार को सूचित किया होता, तो स्थिति पहले ही स्पष्ट हो सकती थी।
Shahdol Missing Person Case: परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस द्वारा उनके साथ अपेक्षित सहयोग नहीं किया गया और मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम में कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है।
उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग
Shahdol Missing Person Case: परिवार ने पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि गुमशुदगी दर्ज होने के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की, अज्ञात शव की पहचान की प्रक्रिया कैसे अपनाई गई और परिजनों को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई।
Shahdol Missing Person Case: शिकायत में यह भी मांग की गई है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए।
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स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना मामला
Shahdol Missing Person Case: इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का माहौल बना हुआ है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद अज्ञात शव की पहचान और सूचना साझा करने की प्रक्रिया में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई।
Shahdol Missing Person Case: फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं परिजन निष्पक्ष जांच और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
Shahdol Missing Person Case: अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उच्च अधिकारी इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करते हैं और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।









