CG News: कोंडागांव में दर्दनाक हादसा! नाले में डूबने से दो चचेरे मासूम भाइयों की मौत, गांव में पसरा मातम

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Kondagaon Children Drowning Incident: छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले से दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कोंडागांव नाले में डूबने से मौत के इस हादसे में दो चचेरे मासूम भाइयों की जान चली गई। नहाने के लिए घर से निकले दोनों बच्चे गहरे पानी में चले गए और डूबने से उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

कोंडागांव नाले में डूबने से मौत की यह घटना फरसगांव ब्लॉक के ग्राम कोटपाड की है। जानकारी के अनुसार 6 वर्षीय साजन पोयाम और 7 वर्षीय ऋषभ पोयाम बुधवार को गांव के पास स्थित नाले में नहाने के लिए गए थे।नहाते समय दोनों बच्चे नाले के एक गहरे गड्ढे में चले गए। पानी ज्यादा होने के कारण वे बाहर नहीं निकल पाए और डूब गए।

शाम तक घर नहीं लौटे तो परिजनों को हुई चिंता
जब काफी देर तक दोनों बच्चे घर वापस नहीं आए तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान नाले के किनारे बच्चों के कपड़े मिले, जिसके बाद ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई।ग्रामीणों ने नाले में तलाश अभियान शुरू किया और रात करीब 8 बजे दोनों बच्चों के शव पानी से बाहर निकाले गए। कोंडागांव नाले में डूबने से मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम छा गया।
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पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही बड़ेडोगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।गुरुवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

दो परिवारों के इकलौते बेटों की बुझ गई जिंदगी
यह हादसा दोनों परिवारों के लिए कभी न भरने वाला जख्म छोड़ गया। ऋषभ पोयाम अपने माता-पिता की इकलौती संतान था, जबकि साजन पोयाम की एक बड़ी बहन है और वह परिवार का एकमात्र बेटा था।साजन की मां पूर्णिमा पोयाम क्षेत्र की जनपद सदस्य हैं। कोंडागांव नाले में डूबने से मौत की इस घटना ने परिवारों के साथ-साथ पूरे गांव को गहरे दुख में डुबो दिया है।

गांव में पसरा सन्नाटा, हर आंख हुई नम
एक ही परिवार के दो मासूम बच्चों की असमय मौत से कोटपाड गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण और रिश्तेदार शोकाकुल परिवारों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।लोगों का कहना है कि कुछ ही पलों में दोनों परिवारों की खुशियां छिन गईं। बच्चों की हंसी से गूंजने वाला घर अब मातम और आंसुओं से भर गया है।

बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
इस घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ गई है। बारिश के मौसम में नालों और तालाबों में पानी बढ़ने से ऐसे स्थान बच्चों के लिए खतरनाक हो जाते हैं।विशेषज्ञों की सलाह है कि छोटे बच्चों को पानी के स्रोतों के आसपास अकेले न जाने दिया जाए और अभिभावकों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।

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