MP Sustainable Infrastructure: इंदौर। इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग अब केवल बेहतर यातायात सुविधा का माध्यम नहीं रहेगा, बल्कि देश में जल संरक्षण के एक अभिनव मॉडल के रूप में भी पहचान बनाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत हाईवे के 26 किलोमीटर लंबे हिस्से पर 100 प्रतिशत वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) की व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे भू-जल स्तर बढ़ाने और जल संकट से निपटने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।
MP Sustainable Infrastructure: इस परियोजना का निरीक्षण इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने अधिकारियों के साथ किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और जल संरक्षण से जुड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
MP Sustainable Infrastructure: परियोजना के तहत हाईवे के आसपास 5 बड़े तालाबों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा आधुनिक रिचार्ज सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से वर्षा के पानी को संरक्षित कर सीधे जमीन के भीतर पहुंचाया जाएगा। इससे न केवल जल की बर्बादी रुकेगी, बल्कि क्षेत्र के गिरते भू-जल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भविष्य में देशभर की सड़क परियोजनाओं के लिए एक रोल मॉडल साबित हो सकती है। जल संरक्षण की इस अनूठी व्यवस्था से मालवा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों को भी बड़ा लाभ मिलेगा, जहां खेती मुख्य आजीविका का साधन है।
MP Sustainable Infrastructure: सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में विकास कार्यों को पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है। इंदौर-बैतूल हाईवे परियोजना इसका उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस पहल से क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ेगी, किसानों को सिंचाई के बेहतर संसाधन मिलेंगे और लंबे समय में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।
MP Sustainable Infrastructure: स्थानीय लोगों और किसानों ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यदि वर्षा जल का प्रभावी ढंग से संचयन किया गया तो भविष्य में पानी की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
MP Sustainable Infrastructure: इंदौर-बैतूल हाईवे पर विकसित की जा रही यह व्यवस्था देश में सतत विकास (Sustainable Development) और जल संरक्षण आधारित अधोसंरचना निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









