Paneer Paratha: सुबह के नाश्ते में गरमा-गरम पनीर पराठा खाना ज्यादातर लोगों की पहली पसंद होती है। स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण यह व्यंजन कई भारतीय घरों में अक्सर सुबह के वक्त चाव से बनाया भी जाता है। हालांकि, इसे बनाते समय गृहणियों के सामने एक बहुत ही आम और बड़ी समस्या सामने आती है। जैसे ही लोग पनीर से भरी लोई को चकले पर रखकर बेलना शुरू करते हैं, उसकी स्टफिंग कोनों से बाहर निकलने लगती है। इस वजह से पराठा बीच से फट जाता है और सेकते समय तवे पर चिपकने लगता है, जिससे उसका स्वाद और रूप दोनों खराब हो जाते हैं। अगर आपके रसोईघर में भी हर बार यही परेशानी होती है, तो कुछ बेहद आसान और घरेलू ट्रिक्स को अपनाकर आप इस समस्या से हमेशा के लिए निजात पा सकते हैं।
पनीर में मौजूद अतिरिक्त पानी को सुखाना बेहद जरूरी
पनीर पराठा फटने की सबसे मुख्य और बड़ी वजह पनीर के भीतर मौजूद पानी की मात्रा होती है। बाजार से खरीद कर लाया गया ताजा पनीर अक्सर काफी नम और गीला होता है। जब लोग इसे सीधे कद्दूकस करके मसालों के साथ भर देते हैं, तो बेलते समय दबाव पड़ने से उसकी नमी बाहर आने लगती है और पूरी स्टफिंग गीली होकर फैल जाती है। इस समस्या से बचने के लिए पनीर को कद्दूकस करने से कम से कम दस से पंद्रह मिनट पहले एक साफ सूती कपड़े में लपेटकर भारी चीज के नीचे दबाकर रख दें। इससे उसका सारा अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाएगा। वहीं, अगर आप फ्रिज में रखा हुआ पनीर इस्तेमाल कर रहे हैं, तो पहले उसे सामान्य तापमान पर आने दें और फिर अच्छी तरह सुखाकर ही कद्दूकस करें।
स्टफिंग में नमक मिलाने की सही टाइमिंग का रखें ध्यान
पराठे को फटने से बचाने के लिए मसालों में नमक डालने की टाइमिंग सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह एक ऐसी सामान्य गलती है जिसे अमूमन ज्यादातर लोग अनजाने में कर बैठते हैं। कई लोग पराठे की स्टफिंग तैयार करते समय ही उसमें नमक मिला देते हैं और फिर कुछ देर बाद पराठे बनाना शुरू करते हैं। नमक जैसे ही पनीर के संपर्क में आता है, वह उसकी बची हुई नमी को भी बाहर खींचने लगता है, जिससे मिश्रण पूरी तरह से गीला और चिपचिपा हो जाता है। इस दिक्कत को दूर करने के लिए पनीर में हरी मिर्च, हरा धनिया, लाल मिर्च और गरम मसाला तो पहले से मिलाकर रख लें, लेकिन नमक केवल उसी समय डालें जब आप तुरंत पराठा बेलने जा रहे हों।
आटे का कड़ापन और बेलने का सही तरीका
स्वाद से भरपूर पराठा बनाने के लिए आटे का सही तरीके से गूंथा होना सबसे जरूरी बुनियादी शर्त है। अगर पराठे का आटा बहुत ज्यादा सख्त होगा और अंदर भरी जाने वाली पनीर की स्टफिंग अत्यधिक मुलायम होगी, तो बेलते समय असंतुलन के कारण पराठा तुरंत फट जाएगा। इसलिए पराठे के लिए लगाया जाने वाला आटा हमेशा रोटी के आटे से थोड़ा अधिक नरम गूंथना चाहिए। आटा गूंथने के बाद उसे कम से कम दस मिनट के लिए सूती कपड़े से ढककर सेट होने के लिए छोड़ दें। इसके अलावा पराठा बेलते समय कभी भी बीच के हिस्से पर ज्यादा जोर न लगाएं, बल्कि किनारों से हल्के हाथों से बेलन चलाते हुए आगे बढ़ें ताकि स्टफिंग चारों तरफ समान रूप से फैल सके।
स्टफिंग की मात्रा और तवे के तापमान का संतुलन
कई बार लोग ज्यादा स्वाद पाने के चक्कर में लोई के भीतर जरूरत से ज्यादा पनीर की स्टफिंग ठूंस-ठूंस कर भर देते हैं, जिससे पराठे का फटना बिल्कुल तय हो जाता है। हमेशा लोई के आकार और उसकी क्षमता के हिसाब से ही सीमित मात्रा में स्टफिंग भरनी चाहिए और किनारों को ऊपर लाकर अच्छी तरह से लॉक कर अतिरिक्त आटे को हटा देना चाहिए। इसके विपरीत पराठे को सेकते समय तवे के तापमान का भी पूरा ख्याल रखें। अगर तवा बहुत ज्यादा गर्म होगा, तो पराठा बिना पके ऊपर से जल जाएगा और अगर बहुत ठंडा होगा, तो वह कड़ा हो जाएगा। इसलिए हमेशा मध्यम आंच पर तवे को गर्म करें और दोनों तरफ हल्का सेकने के बाद ही घी या मक्खन लगाकर पराठे को सुनहरा होने तक पकाएं।









