Rewa Land Grab Allegations: रीवा| रीवा जिले के सेमरिया थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर प्रदेश में भूमाफियाओं की सक्रियता और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले के शिवपुरवा निवासी एक किसान ने स्थानीय भाजपा नेता पर राजनीतिक प्रभाव और प्रशासनिक मिलीभगत के जरिए करोड़ों रुपये मूल्य की पुश्तैनी जमीन हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि पहले राजस्व रिकॉर्ड में कथित तौर पर हेराफेरी की गई और उसके बाद विवादित भूमि पर जबरन निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। शिकायतों के बावजूद पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने अब कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।
Rewa Land Grab Allegations: जानकारी के अनुसार, शिवपुरवा निवासी रामसिया कुशवाहा ने जिला कलेक्टर को सौंपे गए शिकायती आवेदन में बताया कि सेमरिया नगर से लगी उनकी पुश्तैनी कृषि भूमि की बाजार कीमत करोड़ों रुपये में है। यह जमीन वर्षों से उनके परिवार के स्वामित्व में रही है और इसका विधिवत रिकॉर्ड भी राजस्व दस्तावेजों में दर्ज है। आरोप है कि इसी बेशकीमती जमीन पर कब्जा करने की नीयत से स्थानीय भाजपा नेता भागीरथ शुक्ला एवं उनके कुछ सहयोगियों ने सुनियोजित तरीके से भू-अभिलेखों में बदलाव कराने का प्रयास किया।
Rewa Land Grab Allegations: पीड़ित का कहना है कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए राजस्व रिकॉर्ड में कथित रूप से हेराफेरी की गई, जिससे जमीन के वास्तविक स्वामित्व को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सके। इसके बाद आरोपियों ने भूमि पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया। जब परिवार को इसकी जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल सेमरिया थाना, तहसील कार्यालय और संबंधित एसडीएम कार्यालय में लिखित शिकायतें देकर निर्माण कार्य रुकवाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
Rewa Land Grab Allegations: रामसिया कुशवाहा का आरोप है कि लगातार शिकायतों और दस्तावेज प्रस्तुत करने के बावजूद स्थानीय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। न तो पुलिस द्वारा निर्माण कार्य रोकने की दिशा में कोई कदम उठाया गया और न ही राजस्व अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण आरोपियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और उनकी पुश्तैनी जमीन पर अवैध कब्जे का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
Rewa Land Grab Allegations: पीड़ित परिवार का कहना है कि न्याय की उम्मीद में वे कई दिनों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिल सकी है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो उनकी करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन पर स्थायी निर्माण कर दिया जाएगा, जिससे उन्हें अपूरणीय क्षति होगी।
Rewa Land Grab Allegations: कलेक्ट्रेट पहुंचकर रामसिया कुशवाहा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि विवादित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से रोका जाए, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा भू-अभिलेखों में हुई कथित हेराफेरी की निष्पक्ष पड़ताल की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
Rewa Land Grab Allegations: यह मामला केवल एक जमीन विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन गंभीर सवालों को भी जन्म देता है जो प्रशासनिक जवाबदेही, राजस्व रिकॉर्ड की सुरक्षा और प्रभावशाली लोगों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई से जुड़े हैं। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलता है या फिर यह मामला भी शिकायतों और जांच के दायरे में सिमटकर रह जाता है।









