Ashutosh Rana Hamare Ram: जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित शक्तिभवन के प्रतिष्ठित तरंग ऑडिटोरियम में शनिवार शाम को एक बेहद खौफनाक और बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता आशुतोष राणा के बहुचर्चित नाटक ‘हमारे राम’ के सजीव मंचन के दौरान अचानक स्टेज के पीछे बने ग्रीन रूम के पास शॉर्ट सर्किट हो गया। देखते ही देखते आग की चिंगारियों ने विकराल रूप ले लिया और पूरे परिसर में धुएं का काला गुबार फैल गया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, आशुतोष राणा स्वयं मंच पर ‘रावण’ के रूप में एक बेहद प्रभावशाली प्रस्तुति दे रहे थे। आग लगते ही सुरक्षा के मद्देनजर पूरे ऑडिटोरियम की बत्ती गुल कर दी गई, जिसके बाद हॉल में चारों तरफ घुप्प अंधेरा छा गया और दर्शकों व कलाकारों के बीच भारी अफरा-तफरी और भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई।
धुएं का गुबार देख मची भगदड़, मोबाइल टॉर्च से हुआ रेस्क्यू प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाटक को देखने के लिए ऑडिटोरियम दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था। इसी बीच अचानक बैकस्टेज से धुएं का गुबार निकलता देख लोग अपनी सीटें छोड़कर बाहर की तरफ भागने लगे। बिजली कट जाने के कारण अंदर कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। ऐसे नाजुक समय में आयोजकों और ऑडिटोरियम के स्टाफ ने गजब की सूझबूझ दिखाई। उन्होंने तुरंत अपने-अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट और टॉर्च चालू की। मोबाइल की रोशनी के सहारे मंच पर मौजूद मुख्य अभिनेता आशुतोष राणा और उनके साथ अभिनय कर रहे अन्य सह-कलाकारों को बेहद सुरक्षित रास्ते से फौरन ऑडिटोरियम के बाहर निकाला गया। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी कलाकार या दर्शक को कोई शारीरिक चोट नहीं आई है।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल, दमकल विभाग ने पाया काबू इस वीआईपी आयोजन के दौरान हुए हादसे ने तरंग ऑडिटोरियम के सुरक्षा दावों की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। मौके पर मौजूद दर्शकों और रंगमंच प्रेमियों ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इतने बड़े आयोजन के बावजूद ऑडिटोरियम में आग से निपटने के लिए पर्याप्त और चालू हालत में अग्निशमन उपकरण मौजूद नहीं थे। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। गौरतलब है कि जबलपुर में ‘हमारे राम’ नाटक का दो दिवसीय मंचन होना तय हुआ है, जिसके लिए आशुतोष राणा और उनकी नाट्य मंडली के करीब 150 कलाकार और तकनीकी स्टाफ शहर पहुंचे हुए हैं। इस हादसे के बाद अब आगामी प्रदर्शनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा करने की मांग की जा रही है।









