Lailunga News: जनपद पंचायत लैलूंगा में सीईओ के कार्यशैली पर उठ रहे सवाल, मीडिया और कर्मचारियों में बढ़ती नाराजगी

Sanjay Sahu
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Lailunga News: गौरी शंकर गुप्ता /लैलूंगा। जनपद पंचायत लैलूंगा की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) प्रीति नायडू की कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय पत्रकारों,जनप्रतिनिधियों तथा जनपद से जुड़े लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि जनहित से जुड़े मामलों में जानकारी प्राप्त करने और पक्ष जानने के लिए जब भी मीडिया प्रतिनिधि सीईओ से संपर्क करते हैं, उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता।

 

Lailunga News: पत्रकारों का आरोप है कि जनपद पंचायत से संबंधित विभिन्न मामलों में तथ्यात्मक जानकारी लेने अथवा विभागीय पक्ष जानने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन अधिकांश अवसरों पर सीईओ द्वारा मीडिया को बयान देने से इनकार कर दिया जाता है। पत्रकारों का कहना है कि उनसे अक्सर यह कहा जाता है कि “मैं बाइट देने के लिए अधिकृत नहीं हूं, आप आवेदन लगाइए या सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी प्राप्त कीजिए।”

 

Lailunga News: मीडिया जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी भी प्रशासनिक अधिकारी की जिम्मेदारी केवल कार्यालयीन कार्यों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जनता और मीडिया के माध्यम से शासन-प्रशासन की गतिविधियों को पारदर्शी तरीके से सामने रखना भी उसका महत्वपूर्ण दायित्व होता है। ऐसे में यदि बार-बार जानकारी देने से बचा जाता है तो स्वाभाविक रूप से कई तरह के सवाल खड़े होते हैं।

 

Lailunga News: स्थानीय पत्रकारों के अनुसार यह कोई एक-दो बार की स्थिति नहीं है, बल्कि लंबे समय से यही रवैया देखने को मिल रहा है। कई महत्वपूर्ण मामलों में जनपद पंचायत का पक्ष जानने के लिए पत्रकारों ने संपर्क किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे पत्रकारों के बीच नाराजगी और आक्रोश का माहौल बनता जा रहा है।

वहीं जनपद पंचायत के भीतर भी कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मचारियों में भी सीईओ की कार्यशैली को लेकर असंतोष है। हालांकि कोई भी कर्मचारी खुलकर सामने आने को तैयार नहीं है, लेकिन अंदरखाने यह चर्चा है कि कार्यालय में निर्णय लेने की प्रक्रिया और कर्मचारियों के साथ व्यवहार को लेकर कई लोग असहज महसूस कर रहे हैं।

 

Lailunga News: सीईओ प्रीति नायडू की कार्य प्रणाली से असंतुष्ट होकर सत्ता पक्ष के मंडल अध्यक्ष एवं भा,ज,पा,कई दिग्गजों ने लैलूंगा में आयोजित सुशासन शिवर में जिला पंचायत सीईओ से खुलकर शिकायत की थी फिर भी प्रीति नायडू की कार्य प्रणाली में कोई सुधार नहीं आया

 

Lailunga News: सूत्रों का यह भी दावा है कि जनपद पंचायत के कई महत्वपूर्ण कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में आरईएस विभाग के एसडीओ हेम सिंह राठिया की भूमिका अत्यधिक प्रभावशाली मानी जा रही है। चर्चा यह भी है कि कार्यालयीन गतिविधियों के संचालन और विभिन्न निर्णयों में उनकी सक्रियता अपेक्षाकृत अधिक दिखाई देती है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन जनपद परिसर में इस प्रकार की चर्चाएं लगातार सुनाई देती हैं।

जनपद पंचायत से जुड़े जानकारों का मानना है कि किसी भी प्रशासनिक संस्था की विश्वसनीयता उसकी पारदर्शिता, जवाबदेही और संवाद क्षमता पर निर्भर करती है। यदि मीडिया के सवालों का जवाब देने से बचा जाता है या जानकारी प्राप्त करने के लिए केवल औपचारिक प्रक्रियाओं का हवाला दिया जाता है, तो इससे जनता के मन में भी संदेह उत्पन्न हो सकता है।

 

Lailunga News: उल्लेखनीय है कि हाल के समय में जनपद पंचायत से जुड़े कई मामलों में प्रशासनिक निर्णयों और कार्यों को लेकर प्रश्न उठे हैं। ऐसे मामलों में यदि जिम्मेदार अधिकारी खुलकर अपना पक्ष रखें तो स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है और अफवाहों तथा अटकलों पर भी विराम लग सकता है।
अब देखना यह होगा कि जनपद पंचायत लैलूंगा की सीईओ प्रीति नायडू पर उठ रहे सवालों पर क्या प्रतिक्रिया देती हैं तथा पारदर्शिता और संवाद को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग इन सवालों के जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

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