Chhattisgarh Bitumen Relief Scheme: छत्तीसगढ़ डामर राहत योजना के तहत राज्य सरकार ने सड़क निर्माण और मरम्मत कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। डामर यानी बिटुमिन की कीमतों में अचानक आई तेज बढ़ोतरी के बाद सरकार ने यह कदम उठाया है ताकि प्रदेश में चल रही सड़क परियोजनाएं प्रभावित न हों।
लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि वैश्विक हालात और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों के कारण डामर महंगा हो गया है। ऐसे में छत्तीसगढ़ डामर राहत योजना के जरिए ठेकेदारों को आंशिक आर्थिक सहायता दी जाएगी।
क्यों शुरू करनी पड़ी छत्तीसगढ़ डामर राहत योजना?
सरकार के अनुसार पिछले कुछ महीनों में डामर की कीमतों में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। इससे सड़क निर्माण की लागत तेजी से बढ़ गई। कई परियोजनाओं में काम की गति प्रभावित होने की आशंका थी।इसी वजह से छत्तीसगढ़ डामर राहत योजना लागू करने का फैसला लिया गया ताकि विकास कार्यों पर कोई असर न पड़े और सड़क निर्माण समय पर पूरा हो सके।
किन परियोजनाओं को मिलेगा फायदा?
छत्तीसगढ़ डामर राहत योजना का लाभ उन राज्य वित्तपोषित सड़क निर्माण कार्यों को मिलेगा जिनकी निविदा अप्रैल 2026 से पहले जारी की गई थी। यह राहत 1 अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि के लिए लागू रहेगी।सरकार का मानना है कि इस कदम से निर्माण एजेंसियों को राहत मिलेगी और अधूरी परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
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बढ़ी कीमत का कैसे मिलेगा भुगतान?
छत्तीसगढ़ डामर राहत योजना के तहत उपयोग किए गए डामर की वास्तविक मात्रा और बढ़ी हुई कीमत के आधार पर अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने विशेष गणना प्रक्रिया तय की है।इस व्यवस्था के तहत डामर की मूल कीमत और वर्तमान कीमत के अंतर को ध्यान में रखकर भुगतान किया जाएगा। इससे ठेकेदारों को बढ़ी लागत का कुछ हिस्सा वापस मिल सकेगा।
क्या सामान्य एस्केलेशन का लाभ भी मिलेगा?
लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ डामर राहत योजना लागू रहने की अवधि में डामर पर सामान्य एस्केलेशन का लाभ नहीं दिया जाएगा।हालांकि सीमेंट, स्टील और अन्य निर्माण सामग्री के लिए पहले से लागू नियमों के अनुसार मूल्य समायोजन जारी रहेगा। यह राहत केवल डामर की बढ़ी कीमतों तक सीमित रहेगी।
सड़क परियोजनाओं पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ डामर राहत योजना से राज्य में चल रही सड़क परियोजनाओं को बड़ी राहत मिलेगी। कई निर्माण कंपनियां लागत बढ़ने से दबाव में थीं, लेकिन अब उन्हें आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है।इस फैसले से सड़कों के निर्माण, नवीनीकरण और मरम्मत कार्यों में तेजी आने की संभावना है। साथ ही प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिलेगी।
सरकार का क्या है उद्देश्य?
सरकार का कहना है कि छत्तीसगढ़ डामर राहत योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क निर्माण कार्यों को रुकने से बचाना और जनता को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराना है।बढ़ती लागत के बावजूद विकास कार्यों को जारी रखना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यही वजह है कि विशेष राहत व्यवस्था लागू की गई है ताकि निर्माण एजेंसियों और सरकार दोनों के हितों में संतुलन बना रहे।
आने वाले समय में क्या बदल सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में डामर की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहता है तो आगे भी ऐसी राहत योजनाओं की जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल छत्तीसगढ़ डामर राहत योजना को सड़क निर्माण क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।इस फैसले से हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं को गति मिलने और निर्माण कार्यों में रुकावट कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।









