Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा डेथ केस में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। हाईकोर्ट ने देर रात 17 पन्नों का विस्तृत आदेश जारी किया। इस फैसले के बाद मामले में CBI की कार्रवाई और तेज हो सकती है।
ट्विशा शर्मा डेथ केस की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भोपाल जिला कोर्ट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। अदालत ने कहा कि निचली अदालत ने केस डायरी और उपलब्ध साक्ष्यों की सही तरीके से जांच नहीं की। कोर्ट ने यह भी कहा कि मृतका के शरीर पर कई चोटों के निशान थे, जिनका स्पष्ट जवाब आरोपी पक्ष की ओर से नहीं दिया गया।
CBI कभी भी कर सकती है गिरफ्तारी
ट्विशा शर्मा डेथ केस में अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद अब CBI को बड़ा कदम उठाने का रास्ता साफ हो गया है। कानूनी जानकारों के मुताबिक CBI अब गिरिबाला सिंह को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। मामले में सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने पक्ष रखा, जबकि ट्विशा के परिवार की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा अदालत में मौजूद रहे।
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पति समर्थ सिंह CBI रिमांड पर
ट्विशा शर्मा डेथ केस में आरोपी पति समर्थ सिंह पहले से ही CBI की हिरासत में है। CBI ने उसे अदालत में पेश किया था, जिसके बाद कोर्ट ने 29 मई तक रिमांड मंजूर की। जांच एजेंसी लगातार उससे पूछताछ कर रही है और मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है।
12 मई की रात हुई थी संदिग्ध मौत
ट्विशा शर्मा डेथ केस की शुरुआत 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके से हुई थी। ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाया।
दोबारा हुआ पोस्टमार्टम
ट्विशा शर्मा डेथ केस में बढ़ते विवाद के बाद 24 मई को भोपाल एम्स में शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। इसी दिन शाम को भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और CBI जांच के बाद अब इस हाईप्रोफाइल मामले में कई नए खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।









