Madhya Pradesh Students: इंदौर। प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘आकांक्षा योजना’ को लेकर इंदौर में आदिवासी छात्राओं का आक्रोश अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। योजना का पूरा लाभ नहीं मिलने और कोचिंग व्यवस्था प्रभावित होने से नाराज बड़ी संख्या में छात्राएं मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्राओं ने प्रशासन और संबंधित विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भविष्य के साथ अन्याय किया जा रहा है।
Madhya Pradesh Students:धरने पर बैठीं छात्राओं का कहना है कि योजना के तहत उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 24 महीने तक कोचिंग और शैक्षणिक सहयोग देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन महज 9 महीने बाद ही कोचिंग व्यवस्था लगभग ठप हो गई। इससे मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का भविष्य संकट में पड़ गया है।
गरीब और आदिवासी परिवारों के विद्यार्थियों पर सबसे ज्यादा असर
Madhya Pradesh Students: प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं ने बताया कि वे आदिवासी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं। उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए वे पूरी तरह आकांक्षा योजना पर निर्भर थीं। लेकिन योजना का लाभ अधूरा मिलने के कारण अब उनकी पढ़ाई और करियर दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
Madhya Pradesh Students:छात्राओं का आरोप है कि सरकार और विभाग ने बड़े-बड़े वादे तो किए, लेकिन उन्हें जमीन पर पूरी तरह लागू नहीं किया गया। समय पर कोचिंग, अध्ययन सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं नहीं मिलने से विद्यार्थियों की तैयारी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
130 से ज्यादा विद्यार्थी प्रभावित
Madhya Pradesh Students:जानकारी के अनुसार, केवल इंदौर में ही 130 से अधिक छात्र-छात्राएं योजना का पूरा लाभ नहीं मिलने से प्रभावित हैं। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो यह संख्या और बढ़ सकती है।
कलेक्टर कार्यालय के बाहर घंटों चला प्रदर्शन
Madhya Pradesh Students:अपनी मांगों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठीं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और कोचिंग व्यवस्था को तत्काल बहाल करने की मांग की। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
“हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है”
Madhya Pradesh Students:धरने पर बैठी छात्राओं ने कहा कि उन्हें 24 महीने तक तैयारी कराने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अचानक कोचिंग व्यवस्था प्रभावित होने से उनकी मेहनत और सपनों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
छात्राओं का कहना है कि—
Madhya Pradesh Students:“हमें 24 महीने की तैयारी का वादा किया गया था, लेकिन सिर्फ 9 महीने में ही कोचिंग बंद जैसी स्थिति हो गई। हम गरीब परिवारों से आते हैं। हमारे पास निजी कोचिंग का विकल्प नहीं है। हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।”
विभाग ने समाधान का दिया आश्वासन
Madhya Pradesh Students:वहीं पूरे मामले में विभाग के सहायक आयुक्त नरेंद्र भिड़े ने कहा कि विद्यार्थियों की शिकायतों और मांगों को लिखित रूप से वरिष्ठ अधिकारियों तक भेजा जा रहा है। विभाग इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहा है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा—
“विद्यार्थियों की जो भी समस्याएं हैं, उन्हें उच्च अधिकारियों को भेजा जा रहा है। शीघ्र ही समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।”
अब प्रशासनिक फैसले पर टिकी निगाहें
Madhya Pradesh Students:फिलहाल छात्राएं अपनी मांगों पर अड़ी हुई हैं और जल्द ठोस कार्रवाई की मांग कर रही हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।









