Chhattisgarh Head of Forest Appointment : छत्तीसगढ़ हेड ऑफ फारेस्ट नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 1994 बैच के IFS अधिकारी अरुण पांडेय को नया हेड ऑफ फारेस्ट बनाने का आदेश जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद बुधवार सुबह इसका आधिकारिक आदेश जारी हुआ।बताया जा रहा है कि 25 मई को मंत्रालय में हुई विभागीय पदोन्नति समिति यानी DPC की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी थी। इसके बाद सरकार ने औपचारिक आदेश जारी कर दिया।
PCCF वी. श्रीनिवास राव 29 मई को होंगे रिटायर
छत्तीसगढ़ हेड ऑफ फारेस्ट नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब वर्तमान PCCF वी. श्रीनिवास राव इस महीने रिटायर होने जा रहे हैं। उनका आधिकारिक रिटायरमेंट 31 मई को है, लेकिन 30 और 31 मई को अवकाश होने के कारण वे 29 मई को ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे।इसी दिन शाम को अरुण पांडेय नए वन प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल सकते हैं। वन विभाग में इसे एक बड़े प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
दो वरिष्ठ अधिकारियों को किया गया सुपरसीड
छत्तीसगढ़ हेड ऑफ फारेस्ट नियुक्ति में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि अरुण पांडेय को दो वरिष्ठ अधिकारियों से आगे रखकर यह जिम्मेदारी दी गई है।जानकारी के मुताबिक कौशलेंद्र सिंह और अनिल साहू उनसे वरिष्ठ अधिकारी हैं, लेकिन सरकार ने विभागीय अनुभव और कार्यशैली को देखते हुए अरुण पांडेय पर भरोसा जताया है।
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वाइल्ड लाइफ सेक्टर में मजबूत पकड़
छत्तीसगढ़ हेड ऑफ फारेस्ट नियुक्ति के पीछे अरुण पांडेय का वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र में अनुभव भी अहम माना जा रहा है। वर्तमान में वे PCCF वाइल्ड लाइफ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।टाइगर रिजर्व, वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता से जुड़े मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। विभाग में उनकी पहचान मजबूत प्रशासनिक पकड़ वाले अधिकारी के रूप में की जाती है।
रामसर साइट दिलाने में रही अहम भूमिका
छत्तीसगढ़ हेड ऑफ फारेस्ट नियुक्ति के बाद उनके पुराने कार्यकाल की भी चर्चा हो रही है। जैव विविधता बोर्ड में काम करते हुए उन्होंने राज्य में पहली बार रामसर साइट की पहचान की दिशा में काम शुरू कराया था।इसी प्रयास का परिणाम रहा कि कोपरा जलाशय को छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट दर्जा मिला। इसे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना गया था।
एक्सटेंशन को लेकर भी खत्म हुई चर्चा
छत्तीसगढ़ हेड ऑफ फारेस्ट नियुक्ति के बीच यह चर्चा भी चल रही थी कि क्या वर्तमान वन प्रमुख वी. श्रीनिवास राव को सेवा विस्तार दिया जाएगा।हालांकि अब यह लगभग साफ हो गया है कि राज्य सरकार वन विभाग में एक्सटेंशन की नई परंपरा शुरू करने के पक्ष में नहीं है। इससे पहले मुख्य सचिव और डीजीपी स्तर पर सेवा विस्तार को लेकर चर्चाएं हो चुकी हैं।
13 महीने तक संभाल सकते हैं जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़ हेड ऑफ फारेस्ट नियुक्ति के बाद अरुण पांडेय करीब 13 महीने तक इस पद पर रह सकते हैं। वन विभाग में उनके अनुभव और प्रशासनिक फैसलों पर अब सभी की नजर रहेगी।वन्यजीव संरक्षण, जंगल प्रबंधन और पर्यावरण से जुड़े कई अहम फैसलों में उनकी भूमिका आने वाले समय में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।









