Alirajpur Mango Market: आलीराजपुर। मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी आम मंडी के रूप में विख्यात आलीराजपुर जिला मुख्यालय की आम मंडी में मंगलवार (26 मई 2026) की सुबह एक बेहद कस्टमाइज्ड और ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। पिछले कुछ दिनों से स्थानीय व्यापारियों द्वारा किसानों के विधिक आर्थिक शोषण, कम दाम लगाने और आपसी विवादों के कारण लगातार विवादों की सुर्खियों में घिरी इस मंडी की हकीकत जानने सूबे के कैबिनेट मंत्री श्री नागर सिंह चौहान स्वयं मैदान में उतरे। कैबिनेट मंत्री आज सुबह-सुबह बिना किसी प्रशासनिक अमले, लाल बत्ती के तामझाम और बिना किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल (VVIP Security) के, सीधे अपनी निजी बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार होकर औचक निरीक्षण करने मंडी प्रांगण पहुंच गए। मंत्री चौहान को इस प्रकार अचानक आम जनता और किसानों के बीच खड़े देख मंडी प्रशासन, प्रबुद्ध जनों और बिचौलियों के होश उड़ गए।
उचित दाम न मिले तो खुले बाजार में बेचें फसल, कोई मजबूर नहीं; कोल्ड स्टोरेज की मिलेगी सुविधा
मंडी परिसर में अचानक अपने बीच प्रदेश के कद्दावर कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान को पाकर पीड़ित किसानों का हौसला दोगुना हो गया। मंत्री ने मौके पर मौजूद दूर-दराज के अंचलों से आए आदिवासी और स्थानीय किसानों से विधिक चर्चा की और उनकी कस्टमाइज्ड समस्याओं को सुना।
कैबिनेट मंत्री का दोटूक विधिक वक्तव्य: मंत्री नागर सिंह चौहान ने किसानों को ढांढस बंधाते हुए और व्यापारियों को कड़ा संदेश देते हुए साफ शब्दों में कहा— “यदि इस सरकारी मंडी में आपकी खून-पसीने की फसल का सही और विधिक उचित दाम नहीं मिल पा रहा है, तो आलीराजपुर का कोई भी किसान किसी सिंडिकेट के आगे झुकने को मजबूर नहीं है। आप पूरी तरह विधिक स्वतंत्र हैं कि अपना आम खुले बाजार में ले जाकर कहीं भी अच्छे दामों पर बेच सकें।” इसके साथ ही, किसानों की विधिक रीढ़ मजबूत करते हुए कैबिनेट मंत्री ने आश्वासन दिया कि यदि किसान भाई अपने कच्चे आम को मंडी में कस्टमाइज्ड तरीके से सुरक्षित रखकर पकाकर बेचना चाहते हैं, तो मंडी प्रशासन द्वारा उन्हें कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस (गोदाम) की शत-प्रतिशत निःशुल्क व पुख्ता सुविधा विधिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उपज औने-पौने दामों पर न बिके।
आलीराजपुर कलेक्टर का बड़ा एक्शन; दाम हुए विधिक रूप से तय, विशेष जांच दल गठित
कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के इस बेहद कड़े विधिक रुख और औचक जमीनी निरीक्षण के तत्काल बाद आलीराजपुर का जिला एवं राजस्व प्रशासन पूरी तरह कस्टमाइज्ड और अलर्ट मोड में आ गया है। मामले की विधिक संवेदनशीलता को देखते हुए आलीराजपुर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से एक उच्च स्तरीय विधिक आदेश जारी करते हुए आम के क्रय-विक्रय के न्यूनतम व कस्टमाइज्ड दाम निर्धारित (Fixed Rates) कर दिए हैं।
इस विधिक मूल्य निर्धारण के बाद अब कोई भी व्यापारी या बिचौलिया निर्धारित विधिक दरों से कम पर किसानों की फसल खरीदने की जुर्रत नहीं कर सकेगा, जिससे अन्नदाताओं को उनके पसीने की सही विधिक कीमत मिलना सुनिश्चित होगा।
शोषण रोकने बनी कस्टमाइज्ड फ्लाइंग स्क्वाड: प्रशासनिक आदेश के तहत, आम मंडी में प्रतिदिन होने वाले तौल, टैक्स और दामों की विधिक निगरानी रखने तथा किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या किसानों के शोषण को जड़ से खत्म करने के लिए एक विशेष प्रशासनिक जांच दल (Special Investigation Team) का गठन भी कर दिया गया है। यह विधिक टीम मंडी में हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर सीधे नजर रखेगी और गड़बड़ी पाए जाने पर दोषी व्यापारियों के लाइसेंस तत्काल निरस्त कर उनके खिलाफ दंडात्मक विधिक कार्रवाई संस्थित करेगी। इस औचक निरीक्षण के बाद से जहां शोषित किसानों में हर्ष की लहर है, वहीं अवैध लाभ कमाने वाले बिचौलियों में हड़कंप व्याप्त है।









