गढ़चिरौली: नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने और साजिश रचने के मंसूबों पर गढ़चिरौली पुलिस ने पानी फेर दिया है। माओवादियों ने सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला करने के उद्देश्य से जंगल के इलाकों में चुपके से कई तरह के घातक हथियार, मशीनें और विस्फोटक सामान जमीन के नीचे दबाकर रखे थे। गढ़चिरौली पुलिस फोर्स ने एक बेहद संवेदनशील और बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान माओवादियों द्वारा जंगल में छिपाए गए इस भारी डंप को जब्त करने में ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। अधिकारियों का दावा है कि गढ़चिरौली जिले में अब माओवाद अंतिम सांसें ले रहा है।
आत्मसमर्पित माओवादियों ने खोला राज
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, जिले में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन फाइनल स्ट्राइक’ (Operation Final Strike) के तहत पिछले दिनों गढ़चिरौली पुलिस फोर्स के सामने सरेंडर करने वाले माओवादियों से कड़ाई से पूछताछ की गई थी। इस विस्तृत पूछताछ के दौरान सरेंडर नक्सलियों ने खुलासा किया कि संगठन ने पोमकेन के बिनगुंडा लिमिट के घने जंगल इलाके में भारी मात्रा में हथियार और तकनीकी सामान छिपा रखा है। इस इनपुट के आधार पर स्पेशल ऑपरेशन टीम गढ़चिरौली और प्राणहिता की संयुक्त 06 टीमों तथा बीडीडीएस (BDDS – बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड) की 02 टीमों को तुरंत जंगल की ओर रवाना किया गया।
22 मई को भारी बल के साथ घेरा जंगल
बीती 22 मई 2026 को बीडीडीएस (BDDS) के जवानों और स्पेशल ऑपरेशन टीम ने पोमकेन बिनगुंडा के उत्तर में स्थित घने जंगल इलाके को चारों तरफ से कड़क घेराबंदी कर घेर लिया। इसके बाद अत्याधुनिक मेटल डिटेक्टरों की मदद से पूरे जंगली क्षेत्र की बारीक जांच की गई। जमीन की खुदाई करने पर गढ़चिरौली पुलिस बल को माओवादियों का एक बड़ा छुपा हुआ ठिकाना मिला, जहाँ हथियार बनाने की पूरी फैक्ट्री संचालित की जा रही थी।
जनरेटर, सोलर पैनल और ड्रिलिंग मशीनें जब्त
पुलिस ने मौके से नक्सलियों द्वारा छिपाई गई भारी मात्रा में तकनीकी और घातक सामग्री जब्त की है। बरामद सामानों में एक खराब बड़ी मशीन, बीजीएल (BGL) पाइप, 12 बोर पाइप, इन्वर्टर, हैवी जनरेटर, बैटरियां, ग्राइंडिंग व ड्रिलिंग मशीनें, जिगसॉ मशीन, प्रेशर पंप, सोलर पैनल और करीब 20 फीट लंबा फुटबॉल पाइप आदि शामिल हैं। माओवादी इन सामानों का इस्तेमाल अलग-अलग नक्सली हफ्तों, स्थापना दिवसों और चुनावों के दौरान सुरक्षा बलों पर बड़े हमले करने के लिए हथियार तैयार करने में करते थे।
मौके पर ही बम निरोधक दस्ते ने किया नष्ट
गढ़चिरौली पुलिस के माननीय वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यह कार्रवाई की गई। बरामद की गई मशीनें और विस्फोटक सामग्री इतनी संवेदनशील और भारी थीं कि उन्हें मुख्यालय लाना जोखिम भरा हो सकता था। इसके परिणामस्वरूप, बीडीडीएस और दल के विशेषज्ञ कर्मियों की मदद से घटनास्थल पर मिली सभी माओवादी सामग्रियों और उपकरणों को सुरक्षात्मक तरीके से विस्फोट कर मौके पर ही पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। इस बड़ी कामयाबी से नक्सलियों की लॉजिस्टिक्स और हथियार सप्लाई चेन को गहरा धक्का लगा है।









