रायसेन। सामान्य वन मंडल रायसेन के अंतर्गत आने वाले पूर्व वन रेंज के करमोदिया जंगल क्षेत्र में शनिवार तड़के हिरण के अवैध शिकार का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ वन विभाग की मुस्तैद टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार शिकारियों को रंगे हाथों हिरासत में ले लिया। वन अमले ने आरोपियों के कब्जे से एक बंदूक, चार मोबाइल फोन, एक संदिग्ध वाहन तथा शिकार किए गए हिरण का सिर, पैर एवं मांस जब्त किया है। इस बड़ी कामयाबी से क्षेत्र के शिकारियों में हड़कंप मच गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआ पूरे मामले का खुलासा
इस संवेदनशील मामले का पूरा खुलासा डीएफओ प्रतिभा शुक्ला, एसडीओ सुधीर पटले एवं पूर्व वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रवेश पाटीदार ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया है। वन विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार यह पूरी घटना शनिवार सुबह करीब चार बजे की है। विभाग को मुखबिर से करमोदिया के जंगलों में शिकार होने की सटीक सूचना मिली थी। इसके परिणामस्वरूप सूचना मिलते ही वन अमले ने बिना वक्त गंवाए जंगलों में कड़क घेराबंदी की और आरोपियों को दबोच लिया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत होगी जेल
पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ वन विभाग द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस सफल कार्रवाई में वन विभाग की टीम के कई जांबाज कर्मचारी शामिल रहे। शिकारियों को पकड़ने के मुख्य ऑपरेशन में डिप्टी रेंजर प्रभात यादव, संजय मौर्य, वनपाल नितेश यादव, मनमोहन यादव, अवधेश उपाध्याय, परसराम मालवीय सहित वनरक्षक भूपेंद्र कुशवाहा, प्रीतम जाटव तथा ड्राइवर शैतान सिंह ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गिरफ्तार आरोपियों में दो सगे भाई भी शामिल
वन विभाग द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान पूरी तरह स्थापित कर ली गई है। पकड़े गए शिकारियों में शाद अहमद (दुर्गा चौक पुराना बस स्टैंड क्षेत्र, रायसेन), आदिल खान (तहसील मोहल्ला, रायसेन), अमान खान (तहसील मोहल्ला, रायसेन) और राशिद खान (शरीफ कॉलोनी वार्ड 4, रायसेन) शामिल हैं। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इन पकड़े गए आरोपियों में दो सगे भाई भी शामिल बताए गए हैं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम इन सभी से आगे की पूछताछ कर रही है।









