RRR Theme Park: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाली नगर पंचायत घरघोड़ा ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में एक बेहद अनुकरणीय और सराहनीय मिसाल पेश की है। ‘मिशन क्लीन सिटी’ के तहत नगर पंचायत प्रशासन ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के कड़े प्रावधानों को धरातल पर उतारते हुए शहर में एक भव्य और कलात्मक “वेस्ट टू वंडर पार्क” (Waste to Wonder Park) का निर्माण कराया है। यह अनोखा पार्क पूरी तरह से वैश्विक ‘RRR’ यानी रिड्यूस (Reduce), रीयूज़ (Reuse) और रिसाइकल (Recycle) के सिद्धांत पर आधारित है, जो वर्तमान में पूरे जिले के लिए एक बेहतरीन सस्टेनेबल (सतत) विकास और पर्यावरण जनजागरूकता का जीवंत मॉडल बनकर उभरा है।
थ्री-आर (RRR) थीम पर आधारित है पूरा पार्क; समझिए इसके मायने
नगर पंचायत घरघोड़ा के अधिकारियों के अनुसार, इस पार्क को बनाने का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को खेल-खेल में और कला के माध्यम से कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना है। इसके तहत थ्री-आर फॉर्मूले को पार्क के अलग-अलग हिस्सों में बेहद खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया है:
1. पहला R — Reduce (रिड्यूस): इसका सीधा अर्थ है दैनिक जीवन में कचरा उत्पन्न होने की रफ्तार को कम करना। इसके लिए पार्क के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे बाजार जाते समय कपड़े के थैलों का उपयोग करें और पर्यावरण के लिए सबसे खतरनाक माने जाने वाले सिंगल यूज़ प्लास्टिक व थर्माकोल-डिस्पोज़ल वस्तुओं के उपयोग से पूरी तरह बचें।
2. दूसरा R — Reuse (रीयूज़): पुरानी, कबाड़ और बेकार हो चुकी वस्तुओं को फेंकने के बजाय उनसे पुनः उपयोगी सामग्रियां बनाना। नगर पंचायत क्षेत्र में कार्यरत कर्मठ ‘स्वच्छता दीदीयों’ के माध्यम से घरों से निकलने वाले कबाड़ को एकत्रित कर उन्हें री-यूज किया जा रहा है, जिससे कबाड़ अब कलाकृतियों की शक्ल ले रहा है। नागरिक अपनी ऐसी पुरानी वस्तुएं सीधे ‘RRR सेंटर’ में भी जमा कर सकते हैं।
3. तीसरा R — Recycle (रिसाइकल): कचरे का सही वैज्ञानिक उपचार तभी संभव है जब उसका पृथक्करण सही हो। इसके तहत घरों से निकलने वाले गीले, सूखे, डोमेस्टिक हज़ार्डीयस (घरेलू खतरनाक अपशिष्ट जैसे सीएफएल बल्ब, बैटरी) और सैनेटरी वेस्ट (अपशिष्ट) को अलग-अलग डस्टबिन में रखने की अपील की गई है। स्वच्छता दीदियों को यह कचरा अलग-अलग देने से रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया बेहद मजबूत और आसान हो जाती है।
जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण का अनोखा संगम
घरघोड़ा का यह “वेस्ट टू वंडर पार्क” न केवल बेकार पड़ी टायरों, लोहे के कबाड़, प्लास्टिक की बोतलों और अनुपयोगी ड्रमों से सजी सुंदर कलाकृतियों का केंद्र है, बल्कि यह शहर के बच्चों और बड़ों को पर्यावरण के प्रति उनके कर्तव्यों का भी अहसास कराता है। पार्क की दीवारों और कोनों पर लिखे स्लोगन लोगों को अपनी जीवनशैली बदलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने क्षेत्र की जनता से अपील की है कि वे इस पार्क से प्रेरणा लें और अपने घरों से निकलने वाले कचरे को सड़कों पर फेंकने के बजाय सीधे स्वच्छता दीदियों की गाड़ियों में ही डालें। इस अनोखी और सस्टेनेबल पहल की सराहना अब पूरे रायगढ़ जिले में हो रही है।









