Khandava Political War: खंडवा। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक ताजा विवादित बयान के बाद देश का सियासी पारा अचानक बेहद गर्म हो गया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ ‘गद्दार’ शब्द का प्रयोग करते हुए बड़ा हमला बोला था। अब इस तीखे बयान पर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मध्य प्रदेश की खंडवा लोकसभा सीट से भाजपा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने राहुल गांधी के इस बयान पर बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए सीधे उनके परिवार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस की बौखलाहट आ रही सामने
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने आज मीडिया से चर्चा करते हुए कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि देश की जनता ने कांग्रेस को चौतरफा बुरी तरह नकार दिया है। लगातार मिल रही हार के कारण अब कांग्रेस नेताओं की बौखलाहट साफ तौर पर नजर आने लगी है। यही कारण है कि वे अब देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने लगे हैं।
पूरे खानदान पर लगाया बड़ा आरोप
राहुल गांधी के गद्दार वाले बयान से जुड़े सवाल पर खंडवा सांसद अपना गुस्सा काबू नहीं रख पाए। उन्होंने सीधे पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा देश के आम लोगों और देश की संप्रभुता के साथ गद्दारी की है। वे यहीं नहीं रुके और उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी का तो पूरा खानदान ही गद्दार है। इसी वजह से गद्दार लोगों को हर तरफ सिर्फ गद्दार ही दिखाई देते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी को जनता का आशीर्वाद
भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी जी के साथ देश के करोड़ों लोगों का अटूट विश्वास और आशीर्वाद है। वे दुनिया में जहां भी जाते हैं, वहां भारत देश का मान और सम्मान लगातार बढ़ाते हैं। इसके विपरीत कांग्रेस के नेता केवल देश के भीतर नफरत और अपमान की राजनीति को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं।
बयानबाजी से बढ़ा सियासी घमासान
इस तीखे बयान और पलटवार के बाद अब खंडवा सहित पूरे प्रदेश की राजनीति में बयानों का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस कार्यकर्ता भी अब भाजपा सांसद के इस बयान का कड़ा विरोध कर रहे हैं। हालांकि भाजपा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ ऐसी अभद्र टिप्पणी को पार्टी कार्यकर्ता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। अंततः इस पूरे मामले ने संसद से लेकर सड़क तक एक नए सियासी घमासान को जन्म दे दिया है।









