Ashoknagar Viral Video: अशोकनगर। अशोकनगर जिले की मुंगावली विधानसभा के अंतर्गत आने वाले एक गांव में सरेआम गुंडागर्दी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने पूरे क्षेत्र के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। वायरल वीडियो में बिल्हेरु पंचायत की महिला सरपंच के पति विशन दांगी अपने कुछ साथियों के साथ एक स्थानीय परिवार के घर और दुकान पर जबरन हंगामा करते हुए साफ नजर आ रहे हैं। इस अचानक हुए घटनाक्रम और अभद्र व्यवहार के कारण पीड़ित परिवार बेहद डरा और सहमा हुआ है।
डंडा लेकर दुकान में मचाया उत्पात
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि मुख्य आरोपी विशन दांगी हाथ में एक बड़ा डंडा लिए हुए हैं। वे इस दौरान बेहद आक्रामक रुख अपनाकर अपने समर्थकों के साथ पीड़ित परिवार के घर के भीतर दाखिल हुए। वीडियो के अनुसार सरपंच पति ने न सिर्फ वहां मौजूद परिवार के लोगों के साथ कथित तौर पर जमकर गाली-गलौज की बल्कि परिसर में स्थित उनकी दुकान में रखे सामान पर ताबड़तोड़ डंडे बरसाने भी शुरू कर दिए। देखते ही देखते आरोपियों ने दुकान के बहुत से कीमती सामान में तोड़फोड़ कर दी।
पीड़ित परिवार ने लगाया डराने का आरोप
इस पूरी हिंसक घटना के बाद से पीड़ित परिवार मानसिक रूप से काफी डरा हुआ है। पीड़ित परिवार का सीधा आरोप है कि आरोपी क्षेत्र के रसूखदार लोग हैं। यही कारण है कि अपने राजनीतिक रसूख के चलते वे गरीब परिवार को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे पुलिस के पास न जाएं। हालांकि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा यह वीडियो वर्तमान में ठीक किस तारीख का है इसकी पूरी तरह से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। इसके साथ ही हमारा न्यूज चैनल भी इस वायरल वीडियो की सत्यता और प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
पुलिस की कार्रवाई पर टिकी नजरें
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी की मानें तो आरोपी विशन दांगी सत्ताधारी दल भाजपा का स्थानीय नेता भी बताया जा रहा है। यही वजह है कि इस घटना को लेकर अब मुंगावली क्षेत्र के आम नागरिकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं। अंततः अब देखना यह होगा कि इस खुलेआम वायरल वीडियो पर मुंगावली थाना पुलिस क्या संज्ञान लेती है। क्या आरोपी सरपंच पति के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई होगी या राजनीतिक दबाव के कारण मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा, यह वर्तमान में एक बड़ा सवाल बना हुआ है।









