चंडीगढ़: देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल-डीजल की कीमतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर अब साफ तौर पर ऑटो बाजार में दिखने लगा है। चंडीगढ़ और मोहाली जैसे बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है। खासकर युवा और नौकरीपेशा लोग अब पारंपरिक ईंधन (पेट्रोल-डीजल) से चलने वाली गाड़ियों की बजाय इलेक्ट्रिक कार और स्कूटर खरीदने में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। यही कारण है कि इन दिनों शोरूमों में लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
कार शोरूमों में एंक्वायरी और बुकिंग में आया भारी उछाल
चंडीगढ़ और मोहाली के कार शोरूमों से मिले आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल के मुकाबले मई महीने में ईवी कारों की बुकिंग में करीब 44 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अप्रैल महीने में जहां करीब 50 इलेक्ट्रिक कारों की बुकिंग हुई थी, वहीं मई में अब तक 72 कारें बुक हो चुकी हैं। इसके अलावा, शोरूम मालिकों का कहना है कि अब सिर्फ खरीदारी ही नहीं, बल्कि ईवी गाड़ियों को लेकर लोगों की जिज्ञासा भी काफी बढ़ गई है। लोग लगातार बैटरी बैकअप, चार्जिंग खर्च, रेंज और मेंटेनेंस जैसी चीजों के बारे में बारीकी से जानकारी ले रहे हैं।
टू-व्हीलर सेगमेंट में भी देखने को मिली रिकॉर्ड तोड़ बिक्री
इसके विपरीत, सिर्फ चार पहिया वाहन ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री में भी जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। मोहाली के एक ईवी टू-व्हीलर डीलर ने दावा किया कि अप्रैल के मुकाबले उनकी बिक्री में 50 से 60 फीसदी तक का बड़ा इजाफा हुआ है। महंगे पेट्रोल के बीच लोग अब कम खर्च वाले विकल्प तलाश रहे हैं। परिणामस्वरूप, इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक मध्यमवर्गीय परिवारों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सरकार ईवी को ऐसे ही बढ़ावा देती रही, तो आने वाले महीनों में मांग और बढ़ेगी।
देश भर में लगातार मजबूत हो रहा है ईवी सेक्टर का बाजार
हालांकि, पिछले कुछ सालों में पूरे भारत के भीतर इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार रिकॉर्ड स्तर पर आगे बढ़ी है। वाहन पोर्टल के आधिकारिक आंकड़ों की मानें, तो अप्रैल 2026 में देश भर में कुल 2,39,025 इलेक्ट्रिक वाहन बिके हैं। इसमें इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और पैसेंजर व कमर्शियल इलेक्ट्रिक व्हीकल शामिल हैं। इसके साथ ही, पिछले साल के मुकाबले इस सेक्टर ने 41 फीसदी की शानदार ग्रोथ हासिल की है। अंततः, पिछले चार सालों की बात करें, तो भारतीय ईवी सेक्टर 77,614 यूनिट्स की सेल से बढ़कर अब सवा दो लाख यूनिट्स के पार पहुंच गया है।









