Power failure in Ambikapur: अम्बिकापुर: छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर शहर में इन दिनों विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भीषण गर्मी और उमस के बीच अघोषित बिजली कटौती ने शहरवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। स्थिति यह है कि हल्की सी आंधी या बूंदाबांदी होते ही पूरे शहर में बिजली की आंख-मिचोली का खेल शुरू हो जाता है। इस गहरे Power Crisis के कारण लोगों को रातों में जागकर वक्त काटना पड़ रहा है (रतजगा)।
Power failure in Ambikapur बीती रात शहर के कई इलाकों में लगातार 3 घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। परेशान और आक्रोशित लोगों ने जब विद्युत विभाग के शिकायत केंद्र पर संपर्क करने की कोशिश की, तो कर्मचारियों का अमानवीय रवैया सामने आया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कर्मचारी फोन को व्यस्त (Busy) पर डालकर आराम फरमाते हैं और कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते।
Power failure in Ambikapur विद्युत दफ्तर पर आधी रात को हंगामा कर्मचारियों की इस लापरवाही और लगातार कटौती से नाराज नागरिकों का धैर्य जवाब दे गया। देर रात बड़ी संख्या में आक्रोशित लोग कोतवाली थाने के पीछे स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय पहुंच गए और वहां जमकर नाराजगी जताई। स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि विभाग मेंटेनेंस के नाम पर हर साल लाखों का बजट डकार जाता है, लेकिन जमीनी स्तर पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। शहर में लाइनमैन की भारी कमी है, जिससे फॉल्ट सुधारने में घंटों लग जाते हैं। लोगों का कहना है कि यदि अभी यह हाल है, तो आने वाले बरसात के मौसम में यह समस्या और विकराल रूप ले लेगी।
- “हल्की सी हवा चलने पर भी तीन-तीन घंटे लाइट काट दी जाती है। छोटे बच्चे और बुजुर्ग गर्मी से तड़प रहे हैं। दफ्तर आने पर पता चलता है कि यहाँ कोई सुनने वाला ही नहीं है। मेंटेनेंस के नाम पर केवल धोखा दिया जा रहा है।” — शुभम जायसवाल, स्थानीय निवासी
- “विद्युत विभाग के नंबर्स पर फोन लगाओ तो वे जानबूझकर रिसीवर उठाकर रख देते हैं या फोन बिजी कर देते हैं। लाइनमैन की कमी का रोना रोया जाता है। हम टैक्स देते हैं, फिर भी हमें यह नरकीय जीवन जीना पड़ रहा है।” — स्थानीय निवासी









