Bhopal Laxmi Talkies Fire ने राजधानी भोपाल में देर रात अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। लक्ष्मी टॉकीज इलाके स्थित एक सराय में अचानक भीषण आग लग गई, जिसके बाद वहां खड़े फल-फ्रूट से भरे ठेले धू-धू कर जलने लगे।देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया और मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
सराय में उठीं आग की ऊंची लपटें
भोपाल आग हादसा उस समय और खतरनाक हो गया जब सराय के भीतर खड़े कई ठेलों में आग फैलने लगी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।फल-फ्रूट से भरे ठेले जलने लगे और कुछ ही देर में वहां धुएं का घना गुबार छा गया।इलाके में मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
जलते ठेलों को बाहर निकालते रहे लोग
लक्ष्मी टॉकीज फायर न्यूज में सबसे चौंकाने वाली तस्वीर यह रही कि मौके पर मौजूद लोगों ने खुद ही राहत कार्य शुरू कर दिया।लोग जलते हुए ठेलों को हाथों से खींचकर बाहर निकालते नजर आए ताकि आग और न फैले।इस दौरान कई लोगों के हाथ भी झुलस गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी।स्थानीय लोगों की सूझबूझ की वजह से बड़ा हादसा टलता दिखाई दिया।
टायर ब्लास्ट से गूंजता रहा इलाका
भोपाल फायर ब्लास्ट के दौरान ठेलों के टायरों में आग लगने से लगातार धमाकों जैसी आवाजें आती रहीं।हर कुछ मिनट में टायर फटने की तेज आवाज से आसपास का इलाका दहल उठा।धमाकों के कारण वहां मौजूद लोगों में डर और बढ़ गया।कई लोग दूर खड़े होकर आग की भयावह तस्वीर अपने मोबाइल कैमरों में रिकॉर्ड करते रहे।
गाड़ियों को बचाने की जंग
भोपाल सराय आग के दौरान सराय परिसर में कई वाहन भी खड़े थे।आग बढ़ती देख लोगों ने तुरंत गाड़ियों को बाहर निकालना शुरू किया।कुछ वाहन समय रहते सुरक्षित निकाल लिए गए, जबकि कुछ वाहनों तक आग की तपिश पहुंचने लगी थी।मौके पर मौजूद लोग लगातार एक-दूसरे को सतर्क करते नजर आए।
देर से पहुंची फायर ब्रिगेड
फायर ब्रिगेड भोपाल को घटना की सूचना तुरंत दे दी गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक नगर निगम की दो एयर फायर ब्रिगेड काफी देर बाद मौके पर पहुंचीं।जब तक दमकल की गाड़ियां पहुंचीं, तब तक कई ठेले जल चुके थे और आग तेजी से फैल रही थी।फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया और आसपास के हिस्सों को खाली कराया।
धुएं और दहशत से भरा माहौल
भोपाल आग अपडेट के दौरान पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया था।लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और आसपास की दुकानों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर आग थोड़ी और बढ़ती तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
जांच के बाद सामने आएगी आग की असली वजह
फिलहाल भोपाल फायर केस में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।प्रशासन और फायर विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट या किसी ज्वलनशील सामग्री से आग फैलने की जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
शहर में फिर उठे सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
इस घटना के बाद राजधानी में फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा इंतजामों की कमी और फायर ब्रिगेड की देरी को लेकर लोग नाराज नजर आए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय पर दमकल पहुंच जाती तो नुकसान कम हो सकता था।अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।









