भोपाल : मध्य प्रदेश में जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत आज से डोर-टू-डोर सर्वे अभियान की शुरुआत हो गई है। डिजिटल स्वगणना प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रदेशभर में प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे।इस अभियान के लिए करीब 1.80 लाख कर्मचारियों को मैदान में उतारा गया है, जो अगले 30 दिनों तक प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे का कार्य करेंगे।
6 लाख परिवारों ने खुद भरी जानकारी
जनगणना निदेशालय के मुताबिक पहले चरण में डिजिटल स्वगणना (Self Enumeration) के माध्यम से लगभग 6 लाख परिवारों ने अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन दर्ज की।अब दूसरे चरण में वे परिवार शामिल किए जाएंगे जिन्होंने डिजिटल माध्यम से जानकारी नहीं भरी है।
घर-घर जाकर जुटाई जाएगी जानकारी
आज से शुरू हुए अभियान में प्रगणक:
- नए मकानों
- टूटे हुए भवनों
- बहुमंजिला इमारतों
- आवासीय संरचनाओं
का विस्तृत डेटा एकत्र करेंगे।
इसके साथ ही मकानों की स्थिति, उपयोग और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
30 दिनों तक चलेगा सर्वे
जनगणना विभाग ने पूरे प्रदेश में लगभग 2 लाख ब्लॉक्स तैयार किए हैं।
प्रत्येक ब्लॉक में:
- 180 से 200 मकानों को शामिल किया गया है
- हर प्रगणक औसतन 200 मकानों की गणना करेगा
यह सर्वे अगले 30 दिनों तक जारी रहेगा।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति
जनगणना कार्य को सुचारु बनाने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में:
- मुनादी कराकर लोगों को जागरूक किया जाएगा
शहरी क्षेत्रों में:
- हाउसिंग सोसायटी और कॉलोनी प्रबंधन की मदद ली जाएगी
- प्रगणकों की एंट्री सुनिश्चित कराई जाएगी
प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी परिवार सर्वे से छूट न जाए।
लाखों भवनों का होगा रिकॉर्ड तैयार
प्रदेशभर में:
- लगभग 3.6 लाख से 4 लाख आवासीय भवनों का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा
- भवन गणना के लिए विशेष डिजिटल मॉड्यूल का उपयोग किया जाएगा
सरकार का मानना है कि इस डेटा से भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों में मदद मिलेगी।
डिजिटल और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
इस बार जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।प्रगणकों को टैब और डिजिटल एप्लीकेशन के जरिए डेटा एंट्री की सुविधा दी गई है, जिससे जानकारी सीधे सर्वर पर अपडेट होगी।
विकास योजनाओं के लिए अहम मानी जा रही जनगणना
विशेषज्ञों के अनुसार जनगणना किसी भी राज्य की विकास नीति की आधारशिला मानी जाती है।
इससे:
- जनसंख्या का सही आंकड़ा
- आवासीय स्थिति
- शहरीकरण
- सामाजिक और आर्थिक स्थिति
का आकलन किया जाता है।
इसी आधार पर सरकार भविष्य की योजनाएं और संसाधनों का वितरण तय करती है।











