निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। फरवरी से शुरू हुआ यह तनाव अब तक थमा नहीं है, जिससे तेल और गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। इसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है।
1 मई से कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत
सूत्रों और बाजार के रुझानों के अनुसार, 1 मई से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। इससे पहले भी तेल-गैस कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ा चुकी हैं।
घरेलू बनाम कमर्शियल सिलेंडर
आमतौर पर कमर्शियल सिलेंडर के दाम पहले बढ़ते हैं, जिसका असर धीरे-धीरे घरेलू सिलेंडर पर भी देखने को मिलता है। ऐसे में आने वाले दिनों में होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।
Read more : M.P News : कान्हा में जंगली भैंसों की वापसी, जैव-विविधता को मिलेगा नया जीवन
सप्लाई बाधित, लेकिन सरकार का भरोसा
हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है। इसके बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर घरेलू कीमतों पर पड़ना लगभग तय माना जा रहा है।
महंगाई पर बढ़ सकता है दबाव
अगर गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ती हैं, तो इसका सीधा असर घर के बजट पर पड़ेगा। खासकर मध्यम और निम्न आय वर्ग के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन सकता है। इसके साथ ही रेस्टोरेंट और फूड इंडस्ट्री में भी कीमतें बढ़ने की संभावना है।











