निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में व्यापमं द्वारा आयोजित मंडी उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में इस बार बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति और व्यवस्थाओं को लेकर अव्यवस्था देखने को मिली। 200 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में 34,396 अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे, लेकिन केवल 25,252 ही परीक्षा में शामिल हुए। इस तरह करीब 9,144 उम्मीदवार परीक्षा से दूर रहे।
गर्मी और समय बदलाव का असर
भीषण गर्मी को देखते हुए परीक्षा का समय सुबह 11 बजे से बदलकर 10 बजे किया गया था, लेकिन इसके बावजूद कई अभ्यर्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। समय में बदलाव और समुचित जानकारी के अभाव ने भी उपस्थिति को प्रभावित किया।
परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था
शहर के कई केंद्रों पर व्यवस्थाएं चरमराती नजर आईं। तिलक नगर स्थित एक केंद्र पर अभ्यर्थी सुबह 8:30 बजे से गेट के बाहर खड़े रहे, लेकिन फ्रिस्किंग टीम के देर से पहुंचने के कारण प्रवेश में देरी हुई।
परीक्षा प्रभारी और डिप्टी कलेक्टर नारायण प्रसाद गवेल के अनुसार, सुरक्षा जांच अनिवार्य होने के कारण गेट खोलने में देरी हुई। हालांकि इस वजह से अभ्यर्थियों में नाराजगी भी देखने को मिली।
सख्त नियमों से बढ़ी परेशानी
राजेंद्र नगर स्थित परीक्षा केंद्र पर सख्त नियमों का पालन करते हुए कई अभ्यर्थियों को ताबीज, बालियां तक हटानी पड़ीं।
एक अभ्यर्थी को केवल फुल शर्ट पहनने के कारण प्रवेश से रोक दिया गया। बाद में उसने ‘नेकी की दीवार’ से हाफ शर्ट लेकर नियमों का पालन किया और परीक्षा में शामिल हो पाया। यह घटना नियमों और व्यवहारिक स्थिति के बीच अंतर को दर्शाती है।
पेपर का स्तर कैसा रहा
परीक्षा देकर बाहर आए अभ्यर्थियों ने बताया कि गणित, विशेषकर ट्रिग्नोमेट्री के सवाल काफी कठिन और समय लेने वाले थे।
वहीं कंप्यूटर, सामान्य ज्ञान, हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे। छत्तीसगढ़ के भूगोल और संस्कृति से जुड़े सवाल भी अधिकांश अभ्यर्थियों को सरल लगे।
ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष इंतजाम
119 परीक्षा केंद्रों पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने ट्रैफिक कंट्रोल के विशेष इंतजाम किए। सुबह 8 से 10 बजे और दोपहर 12 से 2 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई।मुख्य चौराहों और एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि यातायात सुचारू बना रहे।











