निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश में विद्यार्थियों के पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अगले शिक्षा सत्र से सरकारी स्कूलों में बच्चों को सांची ब्रांड का दूध उपलब्ध कराया जाएगा। यह दूध टेट्रा पैक में वितरित किया जाएगा, जिससे गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित हो सके।
स्कूलों में सांची दूध देने की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मप्र स्टेट कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की बैठक में इस योजना को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांची के माध्यम से स्कूलों में दूध वितरण के लिए व्यापक और व्यवस्थित योजना बनाई जाए, ताकि सभी पात्र विद्यार्थियों तक इसका लाभ पहुंचे।
दुग्ध उत्पादन में हुई बढ़ोतरी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में दुग्ध संकलन 8.75 लाख लीटर से बढ़कर 12 लाख लीटर तक पहुंच गया है। इससे किसानों को भी सीधा लाभ मिल रहा है और उन्हें प्रति लीटर 8 से 10 रुपये तक अतिरिक्त आमदनी प्राप्त हो रही है।
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डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
सरकार द्वारा डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। 45 लाख लीटर क्षमता वाले नए दूध संयंत्र का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा शिवपुरी में नए प्रोसेसिंग प्लांट का निर्माण और ग्वालियर प्लांट का उन्नयन कार्य जारी है।
26 हजार गांवों को जोड़ने की योजना
मुख्यमंत्री ने सांची डेयरी विकास योजना के तहत 26 हजार गांवों को जोड़ने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अधिक किसानों को डेयरी सेक्टर से जोड़ा जा सकेगा।
डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता
दूध उत्पादन और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जा रहा है। मोबाइल ऐप के जरिए किसानों को उनकी उत्पादकता और भुगतान की जानकारी दी जा रही है। साथ ही भुगतान प्रणाली को सहकारी बैंकों से जोड़ा जा रहा है।
पोषण और किसान दोनों को फायदा
इस योजना से एक तरफ जहां विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर किसानों की आय में वृद्धि होगी। सरकार का यह कदम पोषण और कृषि—दोनों क्षेत्रों को एक साथ मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।











