Vedanta Plant : रायपुर: सक्ती जिले के सिंघनातरई स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बॉयलर हादसे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
Vedanta Plant : आयोग ने कहा है कि यदि सामने आई जानकारी सही है, तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला बनता है। नोटिस में मृतकों के परिजनों को दिए गए मुआवजे, घायलों के इलाज की स्थिति और अब तक की प्रशासनिक कार्रवाई का पूरा ब्योरा मांगा गया है। साथ ही हादसे के कारणों की जांच की प्रगति और दोषियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी तलब की गई है।
Vedanta Plant : 14 अप्रैल को प्लांट की बॉयलर यूनिट में हुए विस्फोट के दौरान बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। करीब 600 डिग्री तापमान की भाप की चपेट में आने से कई मजदूर झुलस गए, जिनमें से अब तक 25 की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य का इलाज जारी है।
Vedanta Plant : राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए संभागायुक्त को जिम्मेदारी सौंपी है और 30 दिनों में रिपोर्ट मांगी है। केंद्र की तकनीकी टीम भी जांच में जुटी है। मुआवजे को लेकर राज्य सरकार, केंद्र सरकार और कंपनी प्रबंधन की ओर से अलग-अलग सहायता राशि और नौकरी देने की घोषणा की गई है, जबकि आयोग पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।











