निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : निवाड़ी जिले के चंद्रशेखर आजाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय की कॉलेज बस व्यवस्था पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों की सुविधा के लिए चलाई जा रही यह बस अब कथित तौर पर आम सवारियों को ढोने का जरिया बनती नजर आ रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था और छात्र सुरक्षा दोनों पर चिंता बढ़ गई है।
कॉलेज बस में बाहरी सवारियों की एंट्री
जानकारी के मुताबिक, कॉलेज बस में नियमित रूप से लाइब्रेरी और कोचिंग के बच्चे ही नहीं, बल्कि आम सवारियों को भी बैठाया जा रहा है। आरोप है कि टेहरका टैक्सी स्टैंड से मगरपुर-निवाड़ी मार्ग तक बस को एक सामान्य यात्री वाहन की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाया विवाद
इस पूरे मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक टैक्सी चालक द्वारा रिकॉर्ड की गई फुटेज में बस चालक कथित तौर पर उसे धमकाते हुए नजर आ रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
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छात्र सुरक्षा पर बड़ा सवाल
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि बस में यात्रा करने वालों के पास न तो यूनिफॉर्म है और न ही आईडी कार्ड। ऐसे में यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि कौन छात्र है और कौन बाहरी सवारी। इससे न केवल परिवहन नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच
मामले में कॉलेज के प्राचार्य नसीम खान ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच की बात कही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सिस्टम पर उठे सवाल
यह घटना केवल एक बस तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करती है। क्या कॉलेज प्रशासन को पहले से इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर इसे नजरअंदाज किया जा रहा था?
कार्रवाई या फिर औपचारिकता?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस मामले में वास्तव में सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह भी अन्य मामलों की तरह जांच के बाद ठंडे बस्ते में चला जाएगा।











