निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ में आबकारी विभाग से जुड़ा एक और बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने सरकारी सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शराब और ओवरटाइम घोटाले के बाद अब ‘हॉलिडे घोटाला’ उजागर हुआ है, जिसमें छुट्टियों और त्योहारों के नाम पर करीब 67 करोड़ 60 लाख रुपये की कथित हेराफेरी सामने आई है।
छुट्टियों के नाम पर करोड़ों का खेल
जांच एजेंसियों ACB और EOW की पड़ताल में सामने आया है कि करीब 3000 कर्मचारियों के नाम पर यह रकम जारी की गई थी। इसमें से लगभग 50 करोड़ रुपये छुट्टियों के दिनों में काम करने के नाम पर और 17 करोड़ 60 लाख रुपये बोनस के तौर पर दिए जाने थे। लेकिन आरोप है कि यह राशि कर्मचारियों तक पहुंचने के बजाय अधिकारियों के बीच ही बांट ली गई।
गरीब कर्मचारियों का हक छीना गया
इस घोटाले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिन कर्मचारियों के नाम पर पैसा जारी हुआ, उनमें कई ऐसे भी हैं जिनकी मासिक आय मात्र 8 हजार रुपये है। त्योहारों के समय मिलने वाला बोनस उनके लिए बड़ी राहत बन सकता था, लेकिन जांच में सामने आया कि उनका हक भी उनसे छीन लिया गया।
ओवरटाइम और हॉलिडे घोटाले से 200 करोड़ का आंकड़ा
यदि ओवरटाइम घोटाले (करीब 115 करोड़) और हॉलिडे-बोनस घोटाले को मिलाया जाए, तो यह पूरा मामला लगभग 200 करोड़ रुपये तक पहुंचता नजर आ रहा है। यह सिर्फ वित्तीय अनियमितता नहीं, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल है।
जांच तेज, लेकिन जवाबदेही पर सवाल
मामले में नई FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इतने लंबे समय तक यह गड़बड़ी कैसे चलती रही? क्या सिस्टम में निगरानी की कमी है या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी गईं?
सिस्टम की पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल
यह मामला सिर्फ एक विभाग तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला भी अन्य घोटालों की तरह फाइलों में दब जाएगा?











