निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने हजारों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 15 हजार छात्रों की अंकसूचियों में गलत प्रविष्टियां दर्ज की गई हैं।
नियमित छात्र बने स्वाध्यायी
जानकारी के मुताबिक, स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाई करने वाले छात्रों को गलती से स्वाध्यायी (प्राइवेट) घोषित कर दिया गया है। इस त्रुटि से छात्रों की शैक्षणिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा है और वे असमंजस में हैं।
250 निजी स्कूलों के छात्रों पर असर
बताया जा रहा है कि 250 से अधिक निजी स्कूलों के विद्यार्थियों की श्रेणी में बदलाव कर दिया गया है। इससे न सिर्फ उनकी पहचान प्रभावित हुई है, बल्कि आगे की शिक्षा प्रक्रिया भी बाधित हो सकती है।
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शिक्षा विभाग की नई व्यवस्था
इसी बीच शिक्षा विभाग ने एक नया निर्णय भी लिया है। इसके तहत 20 से कम छात्रों वाले स्कूलों से अतिरिक्त शिक्षकों को हटाकर उन्हें उन क्षेत्रों में भेजने की तैयारी है, जहां शिक्षकों की भारी कमी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षक संकट
गांवों के कई स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है, जबकि शहरी स्कूलों में शिक्षक अधिक संख्या में तैनात हैं। इस असंतुलन को दूर करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
कैग रिपोर्ट में भी खुलासा
कैग (CAG) की रिपोर्ट में भी शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। इसमें संसाधनों के असमान वितरण और प्रशासनिक लापरवाही का उल्लेख किया गया है।











