मऊगंज: मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नईगढ़ी थाने के बाद अब हनुमना थाना भी ‘पॉकेट गवाह’ यानी फिक्स गवाहों के इस्तेमाल के आरोपों में घिर गया है। आरोप है कि पुलिस अलग-अलग मामलों में बार-बार एक ही व्यक्तियों को स्वतंत्र गवाह के रूप में पेश कर रही है, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल उठ रहे हैं।
50 मिनट में 6 FIR, एक ही गवाह!
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू 28 मार्च 2026 की रात का है। बताया जा रहा है कि रात 8:40 बजे से 9:30 बजे के बीच करीब 50 किलोमीटर के दायरे में 6 अलग-अलग स्थानों पर FIR दर्ज की गईं। हैरानी की बात यह है कि लगभग हर केस में वही गवाह मौजूद बताए गए। ऐसे में सवाल उठता है कि इतनी कम समय में एक व्यक्ति कई जगह कैसे पहुंच सकता है।
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गवाहों ने ही जताई अनभिज्ञता
मामला तब और गंभीर हो गया जब गवाह बनाए गए लोगों ने खुद ही इन मामलों से अनजान होने की बात कही। थाना प्रभारी के निजी ड्राइवर राजेश साकेत और सूर्यमणि मिश्रा ने दावा किया कि उन्हें घटनाओं की कोई जानकारी नहीं है और उनसे पहले खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए थे।
300 से ज्यादा मामलों में दोहराए गए नाम
जानकारी के मुताबिक, हनुमना थाने में दर्ज 300 से अधिक मामलों में बार-बार तीन ही नाम सामने आए हैं। इनमें सूर्यमणि मिश्रा को वर्ष 2020 से अब तक 250 से ज्यादा मामलों में गवाह दिखाया गया है। अधिकांश मामले अवैध शराब, गांजा, जुआ और सट्टे से जुड़े बताए जा रहे हैं।
पहले भी लग चुके हैं ऐसे आरोप
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी ‘पॉकेट गवाह’ को लेकर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद इस तरह के आरोप सामने आना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
पुलिस जांच जारी
मऊगंज के एसपी दिलीप कुमार सोनी ने कहा है कि समान गवाहों के इस्तेमाल की शिकायत मिली है और मामले की जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया है।
न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवाल
सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस तरह की प्रथा पर चिंता जता चुका है। ऐसे में यह मामला न केवल पुलिस की पारदर्शिता, बल्कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।











