निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले में गुरुवार को कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन उस समय बेकाबू हो गया, जब कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करते हुए सुरक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले आयोजित यह प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र रूप में बदल गया, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
बैरिकेड्स तोड़कर अंदर घुसे कार्यकर्ता
दोपहर के समय बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। प्रशासन ने पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात कर लोहे के बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों के दबाव के आगे ये इंतजाम नाकाफी साबित हुए। कार्यकर्ताओं ने धक्का-मुक्की करते हुए बैरिकेड्स तोड़ दिए और परिसर के अंदर घुस गए।
सभाकक्ष में पहुंचकर किया हंगामा
स्थिति तब और गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट के भीतर स्थित सभाकक्ष तक पहुंच गए। वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। करीब आधे घंटे तक प्रदर्शनकारी “मुख्यमंत्री होश में आओ” और “कलेक्टर होश में आओ” जैसे नारों के साथ विरोध जताते रहे।
इन मुद्दों को लेकर फूटा गुस्सा
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जिले में प्रशासनिक तानाशाही बढ़ गई है और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार, विकास कार्यों में देरी और किसानों की समस्याओं को लेकर यह उग्र प्रदर्शन किया।
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पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शनकारियों का इस तरह अंदर घुस जाना प्रशासनिक चूक माना जा रहा है।
बढ़ा सियासी तनाव
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शाजापुर में सियासी माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में और बड़े आंदोलन किए जाएंगे।









