निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : केंद्रीय गृहमंत्री के हालिया बयान के बावजूद कि देश अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, कुछ कुख्यात नक्सली अभी भी अंडरग्राउंड हैं। इनमें शामिल हैं 60 वर्ष के करीब उम्र वाले मिसिर बेसरा, जिन पर 1 करोड़ रुपये का इनाम रखा गया है। बेसरा की तलाश में तीन हजार से अधिक सुरक्षा जवान झारखंड और आसपास के राज्यों के जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
बेटे की इमोशनल अपील
मिसिर बेसरा के बेटे ने अपने पिता को लिखी चिट्ठी में कहा कि अब समय आ गया है कि वे मुख्यधारा लौटें। बेटे ने सुरक्षाबलों से अपील की है कि किसी तरह चिट्ठी उनके पिता तक पहुंचा दी जाए। परिवार का दावा है कि पिछले 35 साल से बेसरा से उनका कोई संपर्क नहीं है। बेटा दक्षिण भारत में एक कैंटीन में काम करता है और कई बार अपने पिता से सरेंडर की बात कर चुका है।
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झारखंड के जंगलों में छिपा नक्सली
बेसरा को अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे भास्कर, सुनील, सुनीर्मल और विवेक। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार बेसरा झारखंड के जंगलों में अपने साथियों के साथ छिपा हो सकता है। वहीं NIA और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार उसकी तलाश में हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति और संभावना
सुरक्षा बलों का मानना है कि बेसरा जल्द ही आत्मसमर्पण कर सकता है। उसकी हर तरफ से घेराबंदी की जा चुकी है और अब उसे किसी भी तरह से मदद नहीं मिल पा रही है। यही कारण है कि बेसरा के पास अब सरेंडर के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
मुख्यधारा लौटने का संकेत
परिवार और सुरक्षा एजेंसियों की लगातार कोशिशों के बीच माना जा रहा है कि मिसिर बेसरा जल्द ही खुद को सुरक्षाबलों के हवाले कर सकता है। यह कदम नक्सलियों से मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।











