निशानेबाज न्यूज़ डेस्क देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनर्स इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर उम्मीद लगाए बैठे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि सैलरी और पेंशन में आखिर कितनी बढ़ोतरी होगी। सरकार ने अभी साफ आंकड़े नहीं बताए हैं, लेकिन फिटमेंट फैक्टर को लेकर चल रही चर्चाओं से एक मोटा अनुमान जरूर लगाया जा सकता है।
7वें वेतन आयोग से क्या संकेत मिलते हैं
साल 2016 में लागू हुए 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर दिया गया था। इसके चलते न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी। हालांकि उस वक्त महंगाई भत्ता (DA) शून्य हो गया था, इसलिए दिखने में बढ़ोतरी ज्यादा लगी, जबकि वास्तविक बढ़त करीब 14 प्रतिशत के आसपास ही रही। विशेषज्ञ मानते हैं कि 8वें वेतन आयोग में भी यही पैटर्न दोहराया जा सकता है।
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का अनुमान
ब्रोकरेज और रिसर्च फर्म्स के आकलन अलग-अलग हैं।
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Ambit Capital के अनुसार फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच हो सकता है।
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Kotak Institutional Equities भी इसी रेंज की संभावना जता रहा है।
इस दायरे में सैलरी की प्रभावी बढ़ोतरी 13 से 34 प्रतिशत के बीच रह सकती है।
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1.83 का फैक्टर: सीमित बढ़ोतरी
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2.15 का फैक्टर: मिड-लेवल सीनारियो
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2.46 का फैक्टर: तेज उछाल
फिटमेंट फैक्टर से सैलरी कैसे बदलती है
फिटमेंट फैक्टर मौजूदा बेसिक सैलरी पर लागू होता है। नया वेतन आयोग लागू होते ही DA शून्य हो जाता है और फिर नए सिरे से बढ़ता है। सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि DA को बेसिक में मर्ज नहीं किया जाएगा, इसलिए असली बढ़ोतरी अनुमान से कम दिखती है।
बेसिक 50,000 रुपये होने पर क्या गणित बनेगा
मौजूदा हालात में (DA ~55%, HRA 24%) किसी कर्मचारी की कुल सैलरी करीब 91,600 रुपये बैठती है।
फिटमेंट फैक्टर 1.83 होने पर
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नया बेसिक: ~91,000 रुपये
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कुल सैलरी: ~1.15 लाख रुपये
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बढ़ोतरी: करीब 25%
फिटमेंट फैक्टर 2.15 होने पर
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नया बेसिक: ~1,07,500 रुपये
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कुल सैलरी: ~1.35 लाख रुपये
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बढ़ोतरी: करीब 45–48%
जरूरी बात
यह सभी आंकड़े फिलहाल अनुमानों पर आधारित हैं। 8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है, लेकिन अंतिम फिटमेंट फैक्टर और सैलरी बढ़ोतरी की तस्वीर आयोग की रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।













