नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शनिवार सुबह उद्योगपति अनिल अंबानी के मुंबई स्थित आवास सीविंड, कफ परेड पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 17,000 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत की गई। सुबह लगभग 7 बजे शुरू हुई इस तलाशी में 7–8 अधिकारी शामिल रहे। छापेमारी के दौरान अनिल अंबानी और उनका परिवार घर पर मौजूद था।
CBI और ED, रिलायंस एडीए ग्रुप (Reliance ADA Group) से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ कथित बैंक लोन फ्रॉड की जांच कर रहे हैं। आरोप है कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने अनिल अंबानी की कंपनियों को संदिग्ध तरीके से लोन दिए, जिन्हें बाद में शेल कंपनियों के जरिए दूसरी जगह भेजा गया। सूत्रों के अनुसार, इन शेल कंपनियों का कोई वास्तविक कारोबार नहीं था।
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अरबों का बकाया कर्ज
ईडी के आंकड़ों के मुताबिक –
- रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) पर ₹5,901 करोड़ से अधिक का कर्ज
- रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) पर ₹8,226 करोड़ से अधिक का कर्ज
- रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) पर लगभग ₹4,105 करोड़ का कर्ज
ये लोन करीब 20 बैंकों से लिए गए थे, जिनमें SBI, यस बैंक, आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक शामिल हैं।
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जांच की स्थिति
- CBI ने इस मामले में दो FIR दर्ज की हैं।
- ईडी ने हाल ही में अनिल अंबानी और उनके सहयोगियों से पूछताछ की।
- अंबानी के करीबी अमिताभ झुनझुनवाला और सतीश सेठ समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों को PMLA (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत समन भेजे जा चुके हैं।
- अब तक छह से अधिक समन जारी हो चुके हैं और कई परिसरों पर तलाशी अभियान भी चलाए गए हैं।
CBI और ED को संदेह है कि यस बैंक के प्रमोटर्स और अंबानी समूह के बीच रिश्वत और सांठगांठ की गहरी कड़ी है। इसी संदिग्ध लेन-देन की जांच फिलहाल जारी है।













