भारतीय कॉमिक्स में क्रांति: वेव्स कॉमिक्स क्रिएटर चैम्पियनशिप की सफलता की कहानी

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Revolution in indian comics: भारतीय कॉमिक्स उद्योग का समृद्ध और विविधतापूर्ण इतिहास है। यह इतिहास एक शताब्दी से भी अधिक पुराना है। भारत में कॉमिक्स की अवधारणा औपनिवेशिक काल के दौरान समाचार पत्रों में सिंडिकेटेड कॉमिक स्ट्रिप्स के रूप में शुरू हुई। इसमें द फैंटम और मैनड्रेक द मैजिशियन जैसे लोकप्रिय पश्चिमी पात्र थे। इन प्रारंभिक स्ट्रिप्स ने एक विशिष्ट भारतीय कॉमिक परंपरा की नींव रखी। स्वतंत्रता के बाद, इस उद्योग ने आकार लेना शुरू किया तथा चंदामामा, चम्पक जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों और कई क्षेत्रीय प्रकाशनों ने युवा पाठकों को आकर्षित किया। 1967 में अमर चित्र कथा (एसीके) का शुभारंभ भारतीय कॉमिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था जिसमें जीवंत चित्रों के माध्यम से भारतीय पौराणिक कथाओं, इतिहास और लोककथाओं की कहानियां बताई गईं।

Revolution in indian comics: 1970 से 1990 के दशक को प्राय: भारतीय कॉमिक्स का स्वर्ण युग कहा जाता है। चाचा चौधरी, बिल्लू और पिंकी जैसे प्रिय पात्रों के रचयिता प्राण कुमार शर्मा अपने हास्यपूर्ण तथा सामाजिक रूप से प्रासंगिक कॉमिक्स के लिए घर-घर में जाने जाने वाले नाम बन गए। राज कॉमिक्स एक प्रमुख प्रकाशन के रूप में उभरा जिसने नागराज, सुपर कमांडो ध्रुव और डोगा जैसे प्रतिष्ठित सुपरहीरो पात्रों का निर्माण किया। इस अवधि में कॉमिक्स व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंच गई, तथा बच्चे और वयस्क दोनों ही काल्पनिक दुनिया में डूब गए।

Revolution in indian comics: 2000 के दशक में भारतीय कॉमिक्स के लिए डिजिटल युग का आगमन हुआ जिससे उद्योग में नए प्रकाशन आये। इन प्रकाशनों ने भारतीय पाठकों के लिए नये दृष्टिकोण और आधुनिक कहानियां प्रस्तुत की तथा नए रचनाकारों के लिए मार्ग प्रशस्त किया। कोविड-19 लॉकडाउन ने अप्रत्याशित रूप से भारतीय कॉमिक पुस्तकों में रुचि को पुनर्जीवित कर दिया। पाठक इस माध्यम से फिर से जुड़ गए। नये स्वतंत्र प्रकाशक उभरे या प्रसिद्ध हुए तथा नवीन कथा-कथन और विषय-वस्तु को आगे बढ़ाया। भारत में मंगा की बढ़ती लोकप्रियता ने भारतीय रचनाकारों के लिए नए रास्ते खोल दिए। कई नए ऑनलाइन कॉमिक पुस्तक विक्रेता भी उभरे जिनमें से कुछ ने प्रकाशन के क्षेत्र में भी कदम रखा। इस प्रगति के बावजूद, वितरण, वित्तीय व्यवहार्यता, तथा सांस्कृतिक और पीढ़ीगत स्वीकृति कॉमिक्स उद्योग के लिए प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं।

Revolution in indian comics: आज भारतीय कॉमिक्स उद्योग का पुनरुत्थान हो रहा है। भारतीय कॉमिक्स एसोसिएशन (आईसीए) और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) के बीच सहयोग से वेव्स कॉमिक्स क्रिएटर चैम्पियनशिप जैसी पहल के शुभारंभ से इस उद्योग के पुनरुत्थान की नई उम्मीद जगी है। यह चैंपियनशिप वेव्स की एक प्रमुख पहल थी। इसका उद्देश्य भारत के रचनात्मक उद्योगों को विश्व मंच पर ऊंचा उठाना है। उभरती प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने वाली एक गतिशील व्‍यवस्‍था को बढ़ावा देने, भारतीय कॉमिक्स को विश्व स्तर पर प्रदर्शित करने तथा परंपरा को आधुनिक कहानी कहने के साथ जोड़ने के माध्यम से, आईसीए और वेव्स का इस उद्योग पर बहुत प्रभाव पड़ेगा।

Revolution in indian comics: वेव्स कॉमिक्स क्रिएटर चैम्पियनशिप में दो श्रेणियां हैं: पेशेवर और शौक़िया। आठ लाख रुपये की नकद पुरस्कार राशि, प्रकाशन के अवसर और राष्ट्रीय मान्यता के साथ यह आयोजन भारतीय कॉमिक्स उद्योग के लिए एक बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। प्रतियोगिता प्रारूप में कई चरण थे जिसमें एक प्रतिष्ठित जूरी पैनल प्रविष्टियों का मूल्यांकन करता था और विजेताओं का चयन करता था।
जूरी पैनल में उद्योग जगत के दिग्गज शामिल थे, जिनको इस क्षेत्र में बहुत अनुभव और विशेषज्ञता प्राप्‍त थी। प्रसिद्ध हास्य कलाकार और चित्रकार दिलीप कदम ने विभिन्न प्रमुख प्रकाशकों के साथ काम किया है और भोकाल सहित भारत के कुछ सबसे प्रिय हास्य पात्रों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट प्राण कुमार शर्मा के पुत्र और स्वयं एक प्रसिद्ध कॉमिक रचनाकार निखिल प्राण, पैनल को विशेष बनाया। जैज़िल होमावज़ीर, एक पुरस्कार विजेता एनीमेशन पेशेवर और भारत के पहले और सबसे लंबे समय तक चलने वाले वेब मंगा, द बीस्ट लीजन के निर्माता, प्रतियोगिता में एक नया और अभिनव दृष्टिकोण लेकर आए। राज कॉमिक्स के संस्थापक और भारत के सबसे लोकप्रिय सुपरहीरो के निर्माता संजय गुप्ता उद्योग के रुझानों और मांगों के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की। अमर चित्र कथा की अध्यक्ष और सीईओ प्रीति व्यास ने विषय-वस्तु में अपने व्यापक ज्ञान और अनुभव के साथ पैनल को पूर्णता प्रदान की।

Revolution in indian comics:चैंपियनशिप को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और देश भर से हजारों प्रविष्टियां प्राप्त हुई। कठोर चयन प्रक्रिया के बाद, 76 सेमीफाइनलिस्ट चुने गए जिनमें 9-13 वर्ष के विद्यार्थियों के लिए छह विशेष जूरी उल्लेख भी शामिल थे। ये सेमीफाइनलिस्ट 20 राज्यों और एनसीआर के 50 शहरों से हैं। यह देश के सभी कोनों से प्रतिभाओं को बढ़ावा देने की चैंपियनशिप की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रतियोगिता अब 10 फाइनलिस्टों तक सीमित कर दी गई है। ये फाइनलिस्ट मुम्बई में होने वाले विश्व दृश्य-श्रव्य मनोरंजन शिखर सम्मेलन (वेव्स) में प्रतिस्पर्धा करेंगे।

Revolution in indian comics: 1-4 मई, 2025 तक आयोजित होने वाला वेव्स शिखर सम्मेलन भारतीय रचनात्मकता और नवाचार का उत्‍सव मनाने का वादा करता है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) की “क्रिएट इन इंडिया” पहल के तहत एक प्रमुख कार्यक्रम के रूप में, वेव्स का उद्देश्य भारतीय रचनाकारों को अंतर्राष्ट्रीय दर्शकों के साथ जुड़ने और नई साझेदारियां बनाने के लिए एक मंच प्रदान करना है।

Revolution in indian comics: भारतीय कॉमिक्स उद्योग पर कॉमिक्स क्रिएटर चैम्पियनशिप के संभावित प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। उभरती प्रतिभाओं को अपना काम प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करके, यह चैंपियनशिप कॉमिक रचनाकारों की एक नई पीढ़ी को बढ़ावा देने में मदद कर रही है। उद्योग को सहयोग देने तथा वैश्विक स्तर पर भारतीय कॉमिक्स को बढ़ावा देने में भारतीय कॉमिक्स एसोसिएशन (आईसीए) की भूमिका इस पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रही है। आईसीए और वेव्स इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं क्योंकि उद्योग अपना पूर्व गौरव पुनः प्राप्त करना चाहता है। कॉमिक्स क्रिएटर चैम्पियनशिप जैसी पहल से, भारतीय कॉमिक्स का भविष्य पहले से कहीं अधिक उज्ज्वल दिखाई दे रहा है।

हाथियों का आतंक महिला को उठाकर पटका, मौके पर दर्दनाक मौत

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बलरामपुर, छत्तीसगढ़। जिले के वाड्रफनगर वन परिक्षेत्र से एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। फोकली जंगल में महुआ बीनने गई एक बुजुर्ग महिला की हाथी के हमले में मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना रजखेता गांव के जंगल की है, जहां महिला पर अचानक हाथी ने हमला कर दिया और उसे बेरहमी से कुचल डाला। मृतक महिला सुबह जंगल में महुआ बीनने गई थी। उसी दौरान उसका सामना एक जंगली हाथी से हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने महिला को सूंड से पटककर कुचल दिया, जिससे उसके अंग छिन्न-भिन्न हो गए। मौके पर ही महिला की दर्दनाक मौत हो गई।

हाथियों का बढ़ता आतंक
यह पहली घटना नहीं है। क्षेत्र में पिछले एक महीने के भीतर हाथियों के हमले में छह लोगों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग जंगल जाने से डर रहे हैं, लेकिन रोजी-रोटी के लिए कई बार मजबूरी में जाना पड़ता है। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी। विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सुबह और शाम के समय जंगल न जाएं, खासकर उन इलाकों में जहां हाथियों की आमद देखी जा रही है। साथ ही विभाग द्वारा हाथियों की निगरानी और गश्त बढ़ाने की बात भी कही गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि केवल समझाइश से समस्या नहीं सुलझेगी। उन्हें सुरक्षा चाहिए, ताकि वे अपने जीवन और जीविका दोनों को सुरक्षित रख सकें।

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स्कूल से गायब मिले 6 शिक्षक, बीईओ ने थमाया कारण बताओ नोटिस

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वाड्रफनगर, छत्तीसगढ़। शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के प्रयासों के तहत लापरवाह शिक्षकों पर अब शिक्षा विभाग सख्ती बरत रहा है। वाड्रफनगर विकासखंड के मनबासा और गिरवानी गांव के शासकीय स्कूलों में पदस्थ छह शिक्षक औचक निरीक्षण के दौरान बिना पूर्व सूचना के गैरहाजिर पाए गए। इस गंभीर लापरवाही को लेकर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) ने सभी शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

औचक निरीक्षण में खुली पोल
शिक्षा विभाग की टीम हाल ही में विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण करने निकली थी। निरीक्षण के दौरान जब टीम मनबासा और गिरवानी के स्कूलों में पहुंची, तो पाया कि वहां तैनात शिक्षक स्कूल में मौजूद नहीं थे। हैरानी की बात यह रही कि न तो उन्होंने अनुपस्थिति की कोई जानकारी दी थी और न ही कोई वैध कारण बताया गया था।

कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
बीईओ ने स्पष्ट कहा कि शिक्षक का पद अत्यंत जिम्मेदारी का होता है, और इस तरह की लापरवाही को किसी भी हालत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया या उत्तर असंतोषजनक पाया गया, तो संबंधित शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन तक की सिफारिश की जा सकती है।

शिक्षा विभाग का संदेश साफ
इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर अब कोई समझौता नहीं होगा। नियमित उपस्थिति और समय पर कार्य निर्वहन को लेकर शिक्षकों को गंभीर रहने की आवश्यकता है।

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फ्लैट से 50 लाख और डायमंड पार, पुलिस जांच में जुटी

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देवघर, झारखंड। शहर के पुराना तीन नंबर फांड़ी मोहल्ला स्थित साईं पंचानन एन्क्लेव में एक हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। चोरों ने दिनदहाड़े एक बंद फ्लैट का ताला तोड़कर 50 लाख रुपये नकद, हीरा और सोने के कीमती आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। यह वारदात उस समय हुई जब फ्लैट के मालिक और व्यवसायी विमल कुमार अग्रवाल अपने कार्यस्थल पर थे और उनकी पत्नी कोलकाता में एक विवाह समारोह में शामिल होने गई थीं।

विमल अग्रवाल ने बताया कि रोज की तरह वह सुबह अपने झौंसागढ़ी स्थित मोटर पंप स्टोर पर चले गए थे। उन्होंने फ्लैट को ताला लगाकर बंद किया था। दोपहर में जब वह लौटे, तो देखा कि फ्लैट का ताला टूटा हुआ है और अंदर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा है। घर की तलाशी लेने पर पता चला कि चोर करीब 50 लाख रुपये नकद के अलावा दो हीरे की चूड़ियां, चार सोने की चेन, 10 सोने के सिक्के और अन्य कीमती जेवर चुरा ले गए हैं। विमल अग्रवाल ने तत्काल देवघर नगर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और फ्लैट की गहन छानबीन की गई। पुलिस ने चोरी की पुष्टि करते हुए बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आसपास के संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने क्षेत्र के लोगों को चौंका दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी इस कॉलोनी में चोरी की छोटी-मोटी घटनाएं हुई हैं, लेकिन इतनी बड़ी चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग भी उठ रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस वारदात में किसी प्रोफेशनल गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि जिस तरह से चोरी को अंजाम दिया गया है, वह बेहद सुनियोजित लगता है। चोरों ने फ्लैट की गतिविधियों की पूरी रेकी की थी और मौके की तलाश में थे। इस हाई-प्रोफाइल चोरी की जांच लगातार जारी है।

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देर रात श्मशान घाट में तांत्रिक क्रिया, 12 लोग पुलिस की हिरासत में

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बिलासपुर, छत्तीसगढ़। कोनी थाना क्षेत्र के निरतु गांव स्थित श्मशान घाट में मंगलवार देर रात एक तांत्रिक अनुष्ठान करते हुए 12 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। सभी संदिग्ध छत्तीसगढ़ के बाहर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मामले की जांच में जुटी पुलिस ने बताया कि ये लोग नींबू, मिर्च, सिंदूर और सब्बल जैसी वस्तुओं के साथ पीपल पेड़ के नीचे तांत्रिक क्रिया में लगे हुए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह अनुष्ठान एक युवती के स्वास्थ्य में सुधार के उद्देश्य से किया जा रहा था। पकड़े गए लोगों में चार महिलाएं और आठ पुरुष शामिल हैं। पुलिस को स्थानीय ग्रामीणों से इस गतिविधि की जानकारी मिली, जिसके बाद मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की गई।

जब पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची, तो देखा कि पीपल पेड़ के नीचे तांत्रिक क्रिया की जा रही थी। वहां नींबू, हरी मिर्च, सिंदूर, और लोहे का सब्बल मौजूद था। कुछ लोग मंत्रोच्चार कर रहे थे और अन्य लोग उनके निर्देशों का पालन कर रहे थे। यह पूरा कृत्य रात के अंधेरे में किया जा रहा था, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया। कोनी थाना प्रभारी ने बताया कि सभी 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने अनुष्ठान को एक बीमार युवती के इलाज का प्रयास बताया है। हालांकि, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई अंधविश्वास फैलाने या ठगी की मंशा तो नहीं थी।

गांववालों ने इस घटना को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां सामाजिक माहौल को बिगाड़ सकती हैं और अंधविश्वास को बढ़ावा देती हैं। कुछ लोगों ने श्मशान जैसे संवेदनशील स्थल पर इस तरह के कृत्य की निंदा की है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस तांत्रिक अनुष्ठान के पीछे कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है या यह एक व्यक्तिगत मामला था।

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आज का पंचांग: 16 अप्रैल 2025 – विकट संकष्टी चतुर्थी

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Aaj ka Panchang 16 April 2025 : आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जिसे विकट संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जा रहा है। यह दिन भगवान गणेश की उपासना और व्रत के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी विघ्नों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

आज के पंचांग विवरण
वार: बुधवार
ऋतु: वसंत 
सूर्योदय: सुबह 05:55 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:48 बजे
चंद्रोदय: रात 10:00 बजे
चंद्रास्त: सुबह 07:31 बजे

शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 04:26 AM से 05:10 AM तक
विजय मुहूर्त: 02:30 PM से 03:21 PM तक
गोधूलि मुहूर्त: 06:46 PM से 07:09 PM तक
निशिता मुहूर्त: 11:58 PM से 12:43 AM तक

अशुभ समय
राहुकाल: 12:21 PM से 01:58 PM तक
गुलिक काल: 10:44 AM से 12:21 PM तक
यमगण्ड: 07:31 AM से 09:08 AM तक
विडाल योग: पूरे दिन
भद्रा काल: 05:55 AM से 01:16 PM तक
दिशा शूल: उत्तर दिशा

नक्षत्र और चंद्रबल
उत्तम ताराबल नक्षत्र: अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
राशियों के लिए शुभ चंद्रबल: वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

पत्नी की हत्या कर दो वर्षीय बेटे को लेकर फरार आरोपी गिरफ्तार

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कोरबा। शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां पति ने घरेलू विवाद के चलते पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और अपने दो वर्षीय बेटे को लेकर फरार हो गया। इस मामले में कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी राजकुमार यादव को लोरमी (जिला मुंगेली) से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 103 बीएनएस के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया है और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामसागरपारा कोरबा निवासी रत्ना राजपूत ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 22 वर्षीय बेटी दुर्गा राजपूत अपने पति राजकुमार यादव और दो बच्चों के साथ उनके घर में रह रही थी। 13 अप्रैल को दोपहर के समय घर में केवल दंपती और उनके बच्चे ही मौजूद थे। इसी दौरान पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद राजकुमार यादव दो वर्षीय बेटे रियांश को लेकर घर में ताला लगाकर फरार हो गया।

बाद में पड़ोसियों ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी और शक के आधार पर दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया। अंदर दुर्गा राजपूत का शव बिस्तर पर पड़ा मिला और उनकी छोटी बेटी शव के पास बैठी रो रही थी। पुलिस ने मर्ग क्रमांक 19/2025 के तहत धारा 194 बीएनएस में मामला दर्ज कर शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। डॉक्टर की रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने पर मामला धारा 103 बीएनएस के तहत हत्या में बदल दिया गया।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितीश ठाकुर व नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी एमबी पटेल के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम में उप निरीक्षक नागेश तिवारी, शारदा वर्मा, सउनि टंकेश्वर यादव, आरक्षक कवल चन्द्रा और कौशल प्रसाद महिलांगे शामिल रहे।

टीम ने आरोपी की तलाश में सारसडोल, नगचुरी, चिंगराज पारा और लोरमी जैसे स्थानों पर लगातार दबिश दी। अंततः 15 अप्रैल को लोरमी बस स्टैंड के पास से आरोपी को उसके बेटे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी दुर्गा उस पर चरित्र को लेकर संदेह करती थी, जिससे आए दिन विवाद होता था। 12 अप्रैल को दुर्गा का जन्मदिन भी मनाया गया था, लेकिन उसी रात और फिर अगले दिन विवाद बढ़ गया। गुस्से में आकर आरोपी ने पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी।

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में IED विस्फोट, 3 पुलिसकर्मी शहीद, 18 घायल

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मस्तुंग, बलूचिस्तान | अप्रैल 2025 – पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जब मस्तुंग ज़िले के दश्त क्षेत्र में बलूचिस्तान कांस्टेबुलरी की एक गाड़ी को आईईडी (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से निशाना बनाया गया। इस विस्फोट में तीन पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य घायल हो गए।

बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि ये पुलिसकर्मी ड्यूटी से वापस लौट रहे थे, तभी उनकी गाड़ी इस धमाके की चपेट में आ गई। “तीन जवान मौके पर ही शहीद हो गए, जबकि घायल जवानों को क्वेटा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बनी हुई है,” उन्होंने कहा।

बलूचिस्तान कांस्टेबुलरी, प्रांतीय पुलिस सेवा का हिस्सा है। यह बल उस प्रदर्शन स्थल की सुरक्षा में तैनात था, जिसे बलूचिस्तान नेशनल पार्टी–मेंगल (BNP-M) ने आयोजित किया था। यह प्रदर्शन बलूच यकजहती काउंसिल के नेताओं और BNP-M कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में किया गया था।

गौरतलब है कि बलूचिस्तान प्रांत में हाल के महीनों में आतंकी घटनाओं में तेज़ी आई है। यह हमला एक दिन पहले नुश्की शहर में फ्रंटियर कांस्टेबुलरी पोस्ट पर हुए हमले के बाद हुआ है, जिसमें एक फ्रंटियर कॉर्प्स जवान और दो आतंकवादी मारे गए थे। बलूचिस्तान में लगातार बढ़ रहे आतंकी हमलों से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घटना की जांच शुरू कर दी गई है और हमलावरों की तलाश में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

High Security Number Plate लगवाना अनिवार्य, नहीं तो भरना पड़ेगा जुर्माना

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रायपुर: अगर आपने अपना वाहन 1 अप्रैल 2019 से पहले खरीदा है और अब तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगवाई है, तो अब सतर्क हो जाइए। 15 अप्रैल को तय की गई अंतिम तारीख गुजर चुकी है और अब से पूरे छत्तीसगढ़ में चालानी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बिना HSRP के पकड़े जाने पर ₹500 से लेकर ₹10,000 तक का चालान काटा जा सकता है।

परिवहन विभाग के अनुसार, प्रदेश में लगभग 40 लाख वाहन ऐसे हैं जिनमें HSRP लगाना अनिवार्य है। सिर्फ रायपुर जिले में ही 10 लाख से अधिक वाहन शामिल हैं। हैरानी की बात यह है कि अब तक केवल 60 हजार वाहनों में ही यह प्लेट लगाई जा सकी है। इसे देखते हुए अब यातायात पुलिस और परिवहन विभाग मिलकर सख्त कार्रवाई की योजना बना रहे हैं।

  • प्रदेश में कुल HSRP लगवाने वाले वाहन: 60,000+

  • रायपुर जिले में: 24,903

  • नए वाहन पंजीकरण: 35,000

इसके बावजूद, लाखों वाहन मालिकों ने अभी तक HSRP लगवाने की प्रक्रिया पूरी नहीं की है।

HSRP लगाने की व्यवस्था

राज्य सरकार ने ‘रोसमार्टा सेटी’ और ‘रियल मेज़ान इंडिया लिमिटेड’ को HSRP लगाने की जिम्मेदारी दी है। इसके अलावा, राज्यभर के ऑटोमोबाइल डीलर्स को भी अधिकृत किया गया है ताकि वाहन मालिकों को स्थानीय स्तर पर सुविधा मिल सके।

रायपुर कलेक्ट्रेट में एक विशेष काउंटर की स्थापना की गई है, जहां डिजिटल भुगतान के माध्यम से HSRP लगवाई जा सकती है।

शुल्क विवरण (GST सहित):

  • दोपहिया / ट्रैक्टर / ट्रेलर: ₹365.80

  • तीन पहिया वाहन: ₹427.16

  • हल्के मोटरयान: ₹656.08

  • पैसेंजर कार: ₹705.64

2019 से पहले के वाहनों के लिए अनिवार्य

अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2019 से पहले खरीदे गए सभी दोपहिया और चारपहिया वाहनों में HSRP लगवाना अनिवार्य है। सभी आरटीओ कार्यालयों को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अब बिना HSRP के चल रहे वाहनों पर केंद्रीय मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी। वाहन मालिकों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द HSRP लगवाकर खुद को संभावित जुर्माने और परेशानी से बचाएं। वाहन मालिक अधिक जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट या निकटतम आरटीओ कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में, अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

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नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि, जमानत के बाद भी टुटेजा की जेल से रिहाई अभी मुश्किल नजर आ रही है, क्योंकि उनके खिलाफ ईओडब्ल्यू और एसीबी द्वारा दर्ज एक अन्य मामले में हाईकोर्ट पहले ही उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुका है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त शर्तें

जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने अनिल टुटेजा को लंबे समय से जेल में रहने के आधार पर राहत दी है। कोर्ट ने उन्हें पासपोर्ट जमा करने, सुनवाई में सहयोग देने और अन्य सख्त शर्तों के पालन की शर्तों के साथ जमानत दी है।

इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने टुटेजा की जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वह एक वरिष्ठ नौकरशाह रह चुके हैं और उन पर गवाहों को प्रभावित करने का भी आरोप है। साथ ही उनका नाम नागरिक आपूर्ति निगम घोटाले से भी जोड़ा गया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन दलीलों को अस्वीकार करते हुए जमानत मंजूर कर ली।

क्या है शराब घोटाला?

छत्तीसगढ़ की पूर्व भूपेश बघेल सरकार में हुए शराब घोटाले को लेकर IAS अनिल टुटेजा, उनके बेटे यश टुटेजा, और तत्कालीन मुख्यमंत्री सचिवालय की उपसचिव सौम्या चौरसिया पर आयकर विभाग ने 11 मई 2022 को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि राज्य में रिश्वत, अवैध दलाली और बेहिसाब लेन-देन का बड़ा नेटवर्क चल रहा है।

इस आधार पर ED ने 18 नवंबर 2022 को PMLA एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। जांच में ED ने अपनी चार्जशीट में बताया कि शराब घोटाले से जुड़े लेनदेन की राशि 2161 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।

किस तरह हुआ घोटाला?

चार्जशीट के अनुसार, साल 2017 में आबकारी नीति में बदलाव कर शराब बिक्री का जिम्मा CSMCL (छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम) को सौंपा गया। लेकिन वर्ष 2019 के बाद, अनवर ढेबर को इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बताते हुए कहा गया कि उन्होंने अरुणपति त्रिपाठी को CSMCL का प्रबंध निदेशक बनवाया। इसके बाद एक सिंडिकेट के ज़रिए अधिकारियों, कारोबारियों और राजनीतिक रसूख वालों की मिलीभगत से घोटाले को अंजाम दिया गया।

आगे की राह

हालांकि सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद अनिल टुटेजा की रिहाई अभी भी अधर में है। उन्हें अन्य मामलों में भी राहत लेनी होगी। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में इस घोटाले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और अन्य आरोपियों पर क्या कार्रवाई होती है।