Sehore News: सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के भैरूंदा क्षेत्र में राजस्व विभाग के एक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक रेत व्यापारी ने नायब तहसीलदार रामदास गोरले पर ट्रैक्टर छोड़ने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने, अभद्र व्यवहार करने और जिला कलेक्टर के आदेशों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 सहित संबंधित अधिकारियों से की गई है।
चालान भरने के बाद भी रोका गया ट्रैक्टर
Sehore News: पीड़ित महेंद्र वर्मा का कहना है कि उन्होंने खनिज विभाग का चालान जमा करने के बाद कलेक्टर के वैध आदेश के आधार पर अपना ट्रैक्टर-ट्रॉली भैरूंदा थाने से छुड़ाया था। आरोप है कि जब वह ट्रैक्टर लेकर लौट रहे थे, तभी लाड़कुई के पास नायब तहसीलदार रामदास गोरले ने उनका वाहन रोक लिया।महेंद्र का दावा है कि कलेक्टर के आदेश दिखाने के बावजूद नायब तहसीलदार ने ट्रैक्टर छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की।
‘कलेक्टर कौन होते हैं ट्रैक्टर छोड़ने वाले?’
Sehore News: पीड़ित के अनुसार, जब उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर जिला कलेक्टर के आदेश पर छोड़ा गया है, तब नायब तहसीलदार ने कथित तौर पर कहा, “कलेक्टर कौन होते हैं ट्रैक्टर छोड़ने वाले? जब तक पैसे नहीं दोगे, गाड़ी नहीं छूटेगी।”महेंद्र का आरोप है कि रिश्वत देने से इनकार करने पर ट्रैक्टर को दोबारा रोक दिया गया और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
मोबाइल छीनने और अभद्र व्यवहार का भी आरोप
Sehore News: पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाने की कोशिश की, तो नायब तहसीलदार ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। साथ ही अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए ट्रैक्टर को जब्त कर पुलिस चौकी ले जाने की बात कही।
CM हेल्पलाइन 181 पर दर्ज कराई शिकायत
Sehore News: घटना के बाद महेंद्र वर्मा ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि शिकायत के बाद कुछ लोग उन पर समझौता करने और शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
स्थानीय व्यापारियों ने भी लगाए गंभीर आरोप
Sehore News: क्षेत्र के कुछ स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि रेत परिवहन करने वाले छोटे वाहन चालकों से आए दिन कार्रवाई के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या कहते हैं नियम?
Sehore News: मध्य प्रदेश शासन की गाइडलाइन के अनुसार, खनिज परिवहन से जुड़े मामलों में कार्रवाई के लिए खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम की भूमिका निर्धारित है। ऐसे मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक होता है।
नायब तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार
Sehore News: वहीं, नायब तहसीलदार रामदास गोरले ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी प्रकार की रिश्वत नहीं मांगी और न ही वह शराब के नशे में थे। उन्होंने कहा कि एक दंडाधिकारी होने के नाते उन्हें वाहनों की जांच करने का अधिकार है और उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
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पुलिस का क्या कहना है?
Sehore News: लाड़कुई चौकी प्रभारी राजेश यादव ने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं है। उन्होंने बताया कि थाने में किसी ट्रैक्टर को खड़ा किए जाने की जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि रेत कारोबारियों और राजस्व अधिकारियों के बीच विवाद की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।अब इस पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और अधिकारियों की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।







