रायपुर: छत्तीसगढ़ के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का मंगलवार को लंबी बीमारी के बाद 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वे काफी समय से रायपुर एम्स में भर्ती थे। मंगलवार को सुबह 4:58 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में उनके योगदान को याद करते हुए देशभर के लेखक और कवि शोक व्यक्त कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री और कवि कुमार विश्वास ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास विनोद कुमार शुक्ल के घर पहुंचे। मुख्यमंत्री साय ने उनकी अर्थी को कंधा दिया और शोक संतप्त परिवार के साथ भावनाओं को साझा किया।
Read More : अंतरिक्ष में भारत ने रचा नया इतिहास! ISRO का सबसे भारी कमर्शियल पेलोड Bluebird-2 Satellite लॉन्च- VIDEO
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
विनोद कुमार शुक्ल का राजकीय सम्मान के साथ आज 11 बजे मारवाड़ी श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनकी साहित्यिक धरोहर और योगदान को देखते हुए कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम तय किया है।
साहित्य जगत में छाया शोक
विनोद कुमार शुक्ल की रचनाएँ और विचार हिंदी साहित्य में अमूल्य योगदान हैं। उनके निधन से साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत में अपूरणीय क्षति हुई है। अनेक साहित्यकार और लेखक उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद कर रहे हैं।
स्मरणीय योगदान
विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार समेत कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी रचनाएँ साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं।











