भोपाल: कर्नल सोफिया कुरैशी पर असभ्य टिप्पणी करने के आरोप में मंत्री विजय शाह का मामला सुप्रीम कोर्ट में गर्माया हुआ है। देश में महिला अधिकारों और सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को मंत्री के खिलाफ अभियोजन का निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा था कि 15 दिनों के भीतर एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मामले में सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर करने पर भी विचार किया है। कानूनी विशेषज्ञ मानते हैं कि पुनर्विचार याचिका के बावजूद सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण साबित होंगे।
समय सीमा
एसआईटी रिपोर्ट जमा करने और कार्रवाई शुरू करने की समय सीमा 5 फरवरी 2026 को समाप्त हो रही है। यदि सरकार इस अवधि में कदम नहीं उठाती है, तो न्यायालय द्वारा स्वतः ही कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो सकती है।
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मामला और पृष्ठभूमि
मंत्री विजय शाह पर आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक मंच पर कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में असभ्य टिप्पणी की। यह घटना महिला सुरक्षा और सम्मान के संवेदनशील मुद्दे को राष्ट्रीय ध्यान में ला चुकी है।
राजनीतिक और कानूनी हलचल
इस मामले को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। विपक्ष ने मंत्री के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की है, जबकि सरकार कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्देशित एसआईटी रिपोर्ट और उसकी सिफारिशें इस मामले की दिशा तय करेंगी।
इस विवाद ने महिला अधिकारों, सरकारी नैतिकता और राजनीतिक जवाबदेही पर गहरी बहस छेड़ दी है। अब सभी की निगाहें 5 फरवरी 2026 पर टिक गई हैं, जब एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई संभव है।









