vice presidential election : नई दिल्ली : देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन होगा? इस सवाल पर सियासत गर्म है। इंडिया गठबंधन ने संयुक्त उम्मीदवार उतारने का मन बना लिया है, जिससे मुकाबला रोचक हो गया है। हालांकि एनडीए के पास पूर्ण बहुमत है, लेकिन विपक्ष की रणनीति चुनाव में सस्पेंस बढ़ा रही है। एनडीए ने उम्मीदवार चुनने की जिम्मेदारी पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपी है। 9 सितंबर को वोटिंग होगी और 21 अगस्त तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। माना जा रहा है कि दोनों गठबंधन अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम जल्द ही घोषित करेंगे।
vice presidential election : धनखड़ के इस्तीफे से खुला रास्ता
vice presidential election : पिछले महीने अचानक जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। आधिकारिक वजह तो स्वास्थ्य बताई गई, लेकिन सूत्र कहते हैं—इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा पर महाभियोग मामले में दबाव बढ़ने के कारण धनखड़ को पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद नए नामों पर चर्चा तेज हो गई है।
vice presidential election : थावरचंद गहलोत का नाम सबसे आगे?
vice presidential election : सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत एनडीए के दावेदारों में अहम नाम हैं। कई बार सांसद, केंद्रीय मंत्री और पीएम मोदी के करीबी नेता माने जाने वाले गहलोत का राजनीतिक अनुभव और संगठन के प्रति समर्पण उन्हें मजबूत उम्मीदवार बनाता है। 1980 में विधायक, 1996 से लोकसभा सांसद, 2014 में केंद्रीय मंत्री और 2021 में कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में उनका लंबा राजनीतिक सफर रहा है।
vice presidential election : बीजेपी का सरप्राइज फैक्टर कायम
vice presidential election : बीजेपी अक्सर चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती है। इसलिए जो नाम मीडिया में सामने हैं, जरूरी नहीं कि वही फाइनल हों। रेस में और भी कई दिग्गज शामिल हैं—**हरिवंश नारायण सिंह, ओम माथुर, दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना, मनोज सिन्हा, और गुजरात के गवर्नर आचार्य देवव्रत।अब सबकी नजर इस पर है कि क्या एनडीए कोई बड़ा सरप्राइज देगा या विपक्ष का संयुक्त चेहरा चुनाव को कड़ा बना देगा।









