Uttar Pradesh : जालौन : जालौन के नदीगांव थाने के थाना अध्यक्ष दिव्य प्रकाश तिवारी एक वायरल ऑडियो के कारण विवादों में घिर गए हैं। इस ऑडियो में उन्हें अपने ही अधीनस्थ सब-इंस्पेक्टर (एसआई) और कांस्टेबल को भद्दी-भद्दी गालियाँ देते हुए सुना जा सकता है। इस घटना ने स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और उनकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Read more : EC का जवाब : ज्ञानेश कुमार का बड़ा बयान – सही प्रक्रिया के बिना वोट चोरी के आरोप अनुचित
स्थानांतरण के बावजूद पद पर बने हैं इंस्पेक्टर
सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर दिव्य प्रकाश तिवारी का तबादला किसी और जिले में हो चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया है। आरोप है कि इसी वजह से वे मनमानी कर रहे हैं और अपने मातहतों को खुलेआम अपमानित कर रहे हैं।
थाने के कर्मचारियों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। अधीनस्थों को गाली देना और अपमानित करना उनकी आदत बन चुकी है, लेकिन डर के कारण कोई भी पुलिसकर्मी उनके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पाता। कर्मचारियों को डर है कि अगर उन्होंने विरोध किया, तो उनके खिलाफ ही कोई गलत कार्रवाई कर दी जाएगी।
पुलिस की छवि और कार्यप्रणाली पर सवाल
यह मामला पुलिस विभाग की छवि को भी धूमिल कर रहा है। जब एक अधिकारी अपने ही सहकर्मियों के साथ ऐसा व्यवहार करता है, तो आम जनता के साथ उसके व्यवहार की कल्पना करना मुश्किल नहीं है। यह घटना कानून और अधिकारी पद की मर्यादा पर सवाल उठाती है।
स्थानीय लोगों और कर्मचारियों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। वे चाहते हैं कि गालीबाज दरोगा पर सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग न कर सके। फिलहाल, सबकी निगाहें जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।













