US Venezuela Conflict Impact India : नई दिल्ली: अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाए जाने के बाद भारत की ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर इसके प्रभाव की चर्चा तेज थी। हालांकि, थिंक टैंक GTRI ने रविवार को जारी अपनी रिपोर्ट में राहत भरी खबर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इस संघर्ष का भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
भारत के लिए चिंता की बात क्यों नहीं?
GTRI के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने इसके पीछे प्रमुख कारण बताए हैं:
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तेल आयात में कमी: अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वित्त वर्ष 2025 में वेनेजुएला से कच्चे तेल के आयात में 81.3 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है।
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व्यापार का घटता ग्राफ: 2019 के बाद से अमेरिका के माध्यमिक प्रतिबंधों (Secondary Sanctions) के डर से भारत ने वेनेजुएला के साथ अपना व्यापार पहले ही काफी सीमित कर लिया है।
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आंकड़ों की जुबानी: FY2025 में वेनेजुएला से कुल आयात मात्र 364.5 मिलियन डॉलर रहा, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा काफी अधिक था।
वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार
यह विडंबना ही है कि वेनेजुएला के पास दुनिया के तेल भंडार का 18 प्रतिशत हिस्सा है (सऊदी अरब के 16% से भी अधिक), लेकिन राजनीतिक अस्थिरता और प्रतिबंधों के चलते भारत की ऊर्जा सुरक्षा अब इस दक्षिण अमेरिकी देश पर निर्भर नहीं है।
फार्मा सेक्टर पर प्रभाव
भारत वेनेजुएला को मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल्स (दवाइयाँ) निर्यात करता है। FY2025 में भारत का कुल निर्यात 95.3 मिलियन डॉलर रहा, जिसमें दवाओं का हिस्सा करीब 41 मिलियन डॉलर था। कम व्यापारिक मात्रा और भौगोलिक दूरी के कारण यहाँ भी कोई बड़ा जोखिम नहीं दिख रहा है।













