निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने इस कार्रवाई को एक लंबे समय से योजनाबद्ध और सटीक सैन्य अभियान बताया है, जिसे “एब्सोल्यूट रिजॉल्व” नाम दिया गया था।
महीनों से चल रही थी ऑपरेशन की तैयारी
US arrest of Nicolas Maduro अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान की योजना और सैन्य अभ्यास कई महीनों से चल रहा था। खुफिया एजेंसियां मादुरो की दिनचर्या, ठिकानों और सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखे हुए थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके रहने के स्थानों की हूबहू नकल बनाकर सैनिकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया था, ताकि किसी भी स्तर पर चूक न हो।
हमले से पहले बढ़ाई गई सैन्य मौजूदगी
ऑपरेशन से कुछ दिन पहले अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के तट के पास अपनी गतिविधियां बढ़ा दी थीं। समुद्र और हवाई क्षेत्र में रणनीतिक तैनाती की गई। मौसम साफ होने का इंतजार किया गया ताकि विमान और हेलिकॉप्टर सुरक्षित तरीके से कार्रवाई कर सकें।
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30 मिनट में पलटा सत्ता का समीकरण
US arrest of Nicolas Maduro ट्रंप प्रशासन का दावा है कि जैसे ही अभियान को हरी झंडी मिली, 30 मिनट से भी कम समय में मादुरो को पकड़ लिया गया। हेलिकॉप्टरों ने रडार से बचते हुए बेहद नीचे उड़ान भरी, जबकि ऊपर से लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा घेरा बनाया। वेनेजुएला की वायु रक्षा प्रणाली को पहले ही निष्क्रिय कर दिया गया था।
सेफ रूम तक पहुंचने से पहले पकड़े गए
बताया जा रहा है कि मादुरो और उनकी पत्नी एक सुरक्षित सेफ रूम में पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उससे पहले ही अमेरिकी कमांडो ने स्टील के दरवाजे तोड़कर उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद दोनों को हेलिकॉप्टर से अमेरिकी युद्धपोत पर ले जाया गया।
कहां हैं मादुरो और सिलिया फ्लोरेस?
अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, दोनों को अमेरिका ले जाया गया है, जहां न्यूयॉर्क में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इस बीच मादुरो की आंखों और हाथों पर बंधी तस्वीरें भी सामने आई हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया
इस कार्रवाई को लेकर वैश्विक स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और युद्ध जैसी कार्रवाई करार दिया है। वहीं वेनेजुएला सरकार की ओर से नागरिक हताहतों का दावा किया गया है।











