उज्जैन। रविवार सुबह उज्जैन की सड़कों पर कुछ अलग ही नज़ारा देखने को मिला, जब राहगीरी आनंद उत्सव में परंपरा, संस्कृति और जनभागीदारी एक साथ जीवंत हो उठी। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया और इसके बाद बैलगाड़ी चलाकर सवारी की। मुख्यमंत्री का यह कदम अन्नदाता किसानों और ग्रामीण परंपराओं के सम्मान का सशक्त संदेश बनकर सामने आया।
अन्नदाता को समर्पित रहा राहगीरी आनंद उत्सव
इस बार उज्जैन की राहगीरी आनंद उत्सव को विशेष रूप से अन्नदाता को समर्पित किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बैलगाड़ी पर सवार होना किसानों के प्रति सम्मान और भारतीय ग्रामीण संस्कृति से जुड़ाव का प्रतीक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आत्मा गांवों में बसती है और किसानों की मेहनत ही हमारी समृद्धि की नींव है।
संगीत, परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी राहगीरी
कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस, बीएसएफ और सीआरपीएफ बैंड की संयुक्त प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। परेड की सलामी, ढोल-नगाड़ों की गूंज और विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर नृत्य-संगीत ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। उज्जैन की सड़कें कुछ समय के लिए आनंद और उल्लास का केंद्र बन गईं।
Read More : इंदौर: ड्रेनेज गड्ढे में गिर गई एक्टिवा सवार युवती, राहगीरों ने बचाई जान
हर उम्र के लोगों की रही भागीदारी
राहगीरी में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। खास बात यह रही कि 50 वर्ष से अधिक उम्र के महिला-पुरुष भी छोटे बच्चों के साथ सक्रिय रूप से शामिल हुए। इसे उज्जैन में सामाजिक सहभागिता और स्वस्थ जीवनशैली की नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। हजारों लोगों ने बेहतर स्वास्थ्य के उद्देश्य से राहगीरी में भाग लिया।
यातायात सुरक्षा और सामाजिक संदेश भी दिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर सड़क सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनाकर यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया और बच्चों को उपहार वितरित किए। विभिन्न मंचों पर मुख्यमंत्री का स्वागत और सम्मान भी किया गया।
आध्यात्मिक रंग में रंगा आयोजन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा के अनुरूप शंख वादन कर देवताओं का आव्हान किया, जिससे आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। यह दृश्य परंपरा और आधुनिक जीवनशैली के सुंदर संतुलन का प्रतीक बना।









