Ujjain news : रिपोर्टर: राजेश व्यास/ उज्जैन। भादव मास के पहले सोमवार को उज्जैन में भगवान महाकाल की पारंपरिक सवारी धूमधाम से निकाली गई। इस दौरान, बाबा महाकाल राजसी ठाठ-बाट के साथ नगर भ्रमण पर निकले। उनकी एक झलक पाने के लिए सड़कों पर भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
महाकालेश्वर मंदिर से शाम 4 बजे शुरू हुई यह सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए शिप्रा नदी पहुंची। यहां रामघाट पर बाबा महाकाल का विशेष जल अभिषेक किया गया, जिसके बाद सवारी वापस महाकाल मंदिर के लिए रवाना हुई।
इस वर्ष की सवारी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का संदेश भी दिया गया। पुलिस की गार्ड ऑफ ऑनर टीम, घुड़सवार टीम और महिलाओं ने इस संदेश को प्रसारित किया।
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान महाकाल अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए सवारी के रूप में नगर भ्रमण पर निकलते हैं। वहीं, प्रजा भी अपने राजा की एक झलक पाने के लिए घंटों तक सड़कों के किनारे इंतजार करती है।
शाम को विशेष पूजन के बाद राजा महाकाल को चांदी की पालकी में बैठाकर मंदिर से बाहर लाया गया। मंदिर से निकलते ही पुलिस बैंड और जवानों ने सवारी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। सवारी के आगे घोड़े, बैंड, पुलिस टुकड़ी और भजन मंडलियां चल रही थीं। गाजे-बाजे के साथ निकली इस सवारी का सफर लगभग आठ किलोमीटर का था।
मुख्यमंत्री की इच्छा के अनुसार, इस वर्ष की सवारी में आदिवासी कलाकारों ने भी आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया, जो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। इसके अलावा, पर्यटन विभाग द्वारा धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई आकर्षक झांकियां भी सवारी का हिस्सा थीं।













