Uddhav Thackeray : मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार को एक बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला, जब महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने अपने भाई और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके निवास मातोश्री जाकर मुलाकात की। यह मुलाकात उद्धव के जन्मदिन के अवसर पर हुई, लेकिन इसे केवल एक शिष्टाचार भेंट न मानकर, इसके कई सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं।
6 साल बाद मातोश्री पहुंचे राज ठाकरे
राज ठाकरे आखिरी बार करीब 6 साल पहले मातोश्री पहुंचे थे, जब वे अपने बेटे अमित ठाकरे की शादी में आने का निमंत्रण देने उद्धव परिवार से मिलने गए थे। उससे पहले लगभग 13 साल पहले, जब बाल ठाकरे की तबीयत बिगड़ी थी, तब भी राज ठाकरे मातोश्री गए थे।
इस बार की मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह स्वेच्छा से की गई भेंट है, जिसमें भाईचारे और आपसी दूरी खत्म करने का संदेश छिपा हुआ है।
जन्मदिन की बधाई और राजनीतिक संकेत
राज ठाकरे ने उद्धव को व्यक्तिगत रूप से जाकर जन्मदिन की बधाई दी। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब हाल ही में दोनों भाई मुंबई के आजाद मैदान में आयोजित एक मराठी विजय रैली में 20 साल बाद पहली बार एक मंच पर नजर आए थे। उस रैली में राज ठाकरे ने कहा था कि “जो काम बाला साहेब भी नहीं कर पाए, उसे देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया और हमें मंच पर ला दिया।”
वहीं उद्धव ने मंच से कहा था, “अगर अपनी भाषा के लिए लड़ना गुंडागर्दी है, तो हां, हम गुंडे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि हिंदुत्व पर किसी का एकाधिकार नहीं है और बीजेपी की “इस्तेमाल करो और फेंक दो” की नीति अब नहीं चलेगी।
क्या ठाकरे ब्रदर्स मिलकर लड़ेंगे चुनाव?
राज-उद्धव की हालिया नजदीकियों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या ठाकरे ब्रदर्स एक बार फिर राजनीतिक रूप से साथ आ सकते हैं?
शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने बयान दिया है कि महाराष्ट्र की जनता चाहती है कि दोनों भाई मिलकर चुनाव लड़ें। उन्होंने यहां तक कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के लिए MVA या INDIA गठबंधन की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये गठबंधन अलग तरह के चुनावों के लिए बनाए गए थे।
इस बयान के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि दोनों भाई मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों में साथ उतर सकते हैं।
राज ठाकरे की आक्रामकता और मराठी अस्मिता
राज ठाकरे ने हाल ही में मराठी-हिंदी भाषा विवाद में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के “पटक के मारेंगे” वाले बयान पर पलटवार करते हुए कहा था कि, “डुबा-डुबाकर मारेंगे”।
उन्होंने यह भी कहा कि “मराठी स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं करेंगे” और महाराष्ट्र में किसी भी तरह से हिंदी थोपे जाने का विरोध करेंगे।
राज ठाकरे के इन बयानों पर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका भी दाखिल की गई है, जिसमें उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
राहुल गांधी का समर्थन
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी उद्धव ठाकरे को जन्मदिन की बधाई दी और INDIA गठबंधन में साथ चलने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा,
“शिवसेना अध्यक्ष और INDIA गठबंधन के साथी उद्धव ठाकरे जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आप स्वस्थ रहें, दीर्घायु हों और महाराष्ट्र के लोगों के अधिकारों की लड़ाई हम साथ-साथ लड़ेंगे।”









