Trump Iran Nuclear Threat : तेहरान/वाशिंगटन: ईरान में जारी आंतरिक अशांति और अमेरिका के साथ बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ईरान की न्यायपालिका की एजेंसी ‘मिजान’ ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान में मौतों और फैसलों को लेकर किए गए दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि ईरान में शक्तियों का स्पष्ट विभाजन है और वे किसी भी बाहरी ताकत के निर्देशों पर काम नहीं करते।
भारी सैन्य लामबंदी और ट्रंप की चेतावनी: मध्य पूर्व में स्थिति तब और गंभीर हो गई जब अमेरिकी विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln अपने युद्धपोतों के साथ हिंद महासागर की ओर बढ़ता देखा गया। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी कार्रवाई ईरान की परमाणु साइटों पर हुए पिछले हमलों को ‘मूंगफली’ (बेहद छोटा) जैसा बना देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ईरान पर दबाव बनाने के लिए सैन्य विकल्प खुला रख रहे हैं, हालांकि फिलहाल वे सीधे युद्ध से बच रहे हैं।
आंकड़ों की बाजीगरी और मानवाधिकारों का हनन: ईरान में पिछले दो हफ्तों से इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है, जिसके बीच मानवाधिकार समूहों ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के मुताबिक, मौतों की संख्या 5,002 तक पहुँच गई है, जिनमें बच्चे और नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, ईरान सरकार ने इन आंकड़ों को नकारते हुए कुल 3,117 मौतों की पुष्टि की है, जिनमें से अधिकांश को उन्होंने ‘आतंकवादी’ करार दिया है।
ईरान का आक्रामक पलटवार: अमेरिका की सैन्य बढ़त के जवाब में ईरान ने भी अपनी रिवोल्यूशनरी गार्ड की शक्ति का प्रदर्शन किया है। ‘डे ऑफ द गार्डियन’ के मौके पर ईरान ने उन्नत सैन्य ड्रोनों के वीडियो जारी किए। वरिष्ठ धार्मिक नेता मोहम्मद जवाद हाजी अली अकबरी ने ट्रंप की व्यक्तिगत आलोचना करते हुए उन्हें चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने कोई हिमाकत की, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को सटीक निशाना बनाया जाएगा।













