नई दिल्ली : जहां रूस-यूक्रेन युद्ध को 1,366 दिन हो चुके हैं, और अब पहली बार संकेत मिल रहे हैं कि यह संघर्ष एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है। सूत्रों के अनुसार और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने रूस के अधिकारियों के साथ मिलकर एक 28-पॉइंट का शांति प्रस्ताव तैयार किया है, जिसने वैश्विक डिप्लोमेसी को हिलाकर रख दिया है। युद्ध के बीच यह ड्राफ्ट ऐसे समय सामने आया है जब यूक्रेन में बिजली ढांचे पर हमलों के बाद कई शहर अंधेरे और जमा देने वाली ठंड से जूझ रहे हैं।
यूक्रेन की संप्रभुता पर पहला जोर
ड्राफ्ट की शुरुआत ही एक बड़े वादे से होती है — यूक्रेन को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में पूर्ण मान्यता दी जाएगी। यह संकेत है कि अमेरिका इस शर्त को बातचीत की नींव बनाना चाहता है।
इसके साथ ही प्रस्ताव में रूस, यूक्रेन और यूरोप के बीच एक स्थायी गैर-आक्रामकता समझौता का उल्लेख है, जिससे पिछले 30 वर्षों के सभी विवाद “हमेशा के लिए निपटाए हुए” माने जाएंगे।
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रूस और नाटो दोनों पर बड़ी शर्तें
ड्राफ्ट का सबसे अहम हिस्सा वह है जिसमें रूस को पड़ोसी देशों पर हमला न करने की गारंटी देनी होगी, जबकि दूसरी तरफ नाटो को विस्तार न करने का वादा करना होगा।
- अमेरिका की मध्यस्थता में रूस-नाटो सुरक्षा वार्ता
- नाटो की यूक्रेन में सैनिक तैनाती पर पूर्ण रोक
- यूरोपीय लड़ाकू जेट्स को पोलैंड में ही सीमित रखना
इन शर्तों से साफ है कि ट्रंप प्रशासन यूक्रेन की सुरक्षा के बदले रूस की “भू-राजनीतिक चिंता” को भी एड्रेस कर रहा है।
यूक्रेन की सेना पर सीमा और NATO से दूरी
प्रस्ताव के हिस्से के रूप में यूक्रेन को अपनी सेना का आकार 6 लाख सैनिकों तक सीमित करना होगा। इसके साथ ही यूक्रेन को अपने संविधान में यह दर्ज करना होगा कि वह कभी नाटो में शामिल नहीं होगा — और नाटो भी नियमों में लिखेगा कि यूक्रेन की सदस्यता हमेशा के लिए प्रतिबंधित रहेगी।
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अमेरिका देगा सुरक्षा गारंटी, लेकिन शर्तों के साथ
ट्रंप का प्रस्ताव यूक्रेन को मजबूत सुरक्षा गारंटी देता है, लेकिन इसके साथ कई कड़े क्लॉज़ भी जुड़े हैं—
- अगर यूक्रेन रूस पर हमला करेगा, तो गारंटी तुरंत खत्म
- अगर रूस हमला करेगा, तो अमेरिका और सहयोगी “निर्णायक सैन्य प्रतिक्रिया” देंगे
- रूस पर सभी कठोर प्रतिबंध फिर से लागू होंगे
यह हिस्सा दिखाता है कि अमेरिका पहली बार अपनी गारंटी को “दोनों तरफ की शर्तों” से बांध रहा है।
यूक्रेन के पुनर्निर्माण के लिए मेगा पैकेज
डील में यूक्रेन के लिए अरबों डॉलर का पुनर्निर्माण प्लान शामिल है—
- टेक और AI के लिए “यूक्रेन डेवलपमेंट फंड”
- ऊर्जा ढांचे का दोबारा निर्माण
- युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में शहरों और घरों की मरम्मत
- वर्ल्ड बैंक की विशेष आर्थिक सहायता
इसके लिए 100 अरब डॉलर रूस के फ्रीज किए गए फंड्स से लिए जाएंगे, जिनसे अमेरिका 50% मुनाफा भी कमाएगा।
सबसे विवादित: रूस को मिलेगा क्रीमिया और डोनेट्स्क
डील का सबसे बड़ा झटका यूक्रेन के लिए है। प्रस्ताव के मुताबिक—
- क्रीमिया, लुहान्स्क और डोनेट्स्क को रूस का हिस्सा माना जाएगा
- खेरसोन और जापोरिज्जिया को मौजूदा सीमा पर “फ्रीज” किया जाएगा
- यूक्रेन कुछ नियंत्रण वाले इलाकों से पीछे हटेगा
- एक तटस्थ बफर जोन बनेगा
यह वही हिस्सा है जिसे यूक्रेन सबसे पहले ठुकरा सकता है।
100 दिनों में चुनाव और ट्रंप की निगरानी में शांति परिषद का गठन
समझौता लागू होते ही तत्काल युद्धविराम की घोषणा होगी।यूक्रेन को 100 दिनों में चुनाव कराने होंगे और पूरे समझौते की निगरानी एक शांति परिषद करेगी, जिसका नेतृत्व ट्रंप करेंगे।









