Tomato Farming Profit CG : राजनांदगांव/छुरिया। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘धान के बदले अन्य फसल’ लेने की नीति राजनांदगांव के ग्राम लाममेटा के किसान त्रवेंद्र साहू के लिए वरदान साबित हुई है। त्रवेंद्र ने परंपरागत धान की खेती के बजाय उद्यानिकी फसलों को प्राथमिकता दी और आज वे लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं। उनकी इस सफलता में आधुनिक तकनीक और सरकारी अनुदान की बड़ी भूमिका रही है।
सरकारी अनुदान से मिली नई दिशा: त्रवेंद्र साहू को शासन की राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत लगभग 2 लाख 50 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ। इस राशि की मदद से उन्होंने अपनी डेढ़ एकड़ जमीन पर मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई पद्धति का उपयोग करते हुए टमाटर की खेती शुरू की। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने खाद, दवा और उन्नत किस्म के पौधों (परी वेरायटी) पर निवेश किया।
7 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा: किसान त्रवेंद्र ने बताया कि अब तक वे लगभग 10 लाख रुपये के टमाटर बेच चुके हैं। लागत और अन्य खर्चों को काटकर उन्हें लगभग 7 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है। टमाटर की फसल अभी भी खेतों में लहलहा रही है और उम्मीद है कि मार्च तक पर्याप्त मात्रा में टमाटर मिलते रहेंगे, जिससे मुनाफे का आंकड़ा और बढ़ेगा।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश तक सप्लाई: टमाटर की गुणवत्ता इतनी शानदार है कि स्थानीय मार्केट के साथ-साथ यहाँ का टमाटर नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भेजा जा रहा है। अब तक वे 1000 कैरेट से अधिक टमाटर की बिक्री कर चुके हैं।
तकनीक से बढ़ी समृद्धि: त्रवेंद्र साहू का कहना है कि नवीन तकनीक (मल्चिंग और ड्रिप) के उपयोग से कार्य आसान हो गया और पैदावार बंपर हुई। उन्होंने अन्य किसानों से भी अपील की है कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं का लाभ उठाएं और आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाएं।










